सोमवार, 28 सितंबर 202610:54:56 PM
Download App
Home/देश

पुरानी पेंशन से शिक्षामित्रों तक, : अखिलेश का बड़ा चुनावी दांव, सरकार बनी तो मदरसा शिक्षकों के भी बहुरेंगे दिन

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 28, 2026
10:07 AM
अखिलेश का बड़ा चुनावी दांव, सरकार बनी तो मदरसा शिक्षकों के भी बहुरेंगे दिन

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में जुट गई है। इसी क्रम में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान कर दिया है कि अगर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो पुरानी पेंशन योजना को बहाल की जाएगी। साथ ही शिक्षामित्रों की स्थिति सुधारने और उनहें शिक्षक के रूप में सम्मान देने भी घोषणा की है।

शिक्षामित्रों और शिक्षा व्यवस्था पर जोर

अखिलेश यादव ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है। सरकार बनने पर शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और उन्हें शिक्षक के रूप में सम्मान देने का प्रयास होगा। उन्होंने दावा किया कि शिक्षामित्रों की स्थिति बेहतर होने से बंद पड़े विद्यालयों को दोबारा संचालित करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया। साथ ही आधुनिक मदरसा शिक्षकों के लंबे समय से लंबित वेतन का भुगतान कराने की बात कही। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी करने और समाज को बांटने का आरोप लगाया।

पुरानी पेंशन पर वित्त विभाग से मंथन का दावा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग पर गंभीरता से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के साथ विचार-विमर्श कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर आयोग पर सवाल

अखिलेश यादव ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उस चुनाव में सपा समर्थकों के बड़ी संख्या में मतदाता सूची से नाम काटे गए, जिसके कारण पार्टी को नुकसान हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव से मतदाता सूची में नाम कटवाने के लिए बड़ी संख्या में प्रपत्र-7 भरवाए गए। लखनऊ का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि एक व्यक्ति ने 100 से अधिक लोगों के नाम कटवाने के लिए आवेदन कराए, जबकि नियमानुसार एक व्यक्ति सीमित संख्या में ही ऐसे आवेदन कर सकता है।

पश्चिम बंगाल और बिहार में दोबारा चुनाव की मांग

सपा अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमितताओं की खबरों का अदालत को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और पश्चिम बंगाल तथा बिहार में दोबारा चुनाव कराने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने भाजपा को हराया और वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश से भाजपा का सफाया कर दिया जाएगा। अखिलेश यादव ने भाजपा पर पूंजीपतियों और बड़े कारोबारियों के हित में काम करने का आरोप भी लगाया।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें