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जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत : डीजीपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताए नए तौर-तरीके , साइबर अपराध से लेकर कानून-व्यवस्था प्रबंधन तक की दी जानकारी

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Sep 28, 2026
03:58 PM
डीजीपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताए नए तौर-तरीके , साइबर अपराध से लेकर कानून-व्यवस्था प्रबंधन तक की दी जानकारी

भोपाल। पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ पुलिस अधिकारियों के लिए संवेदनशीलता और जनविश्वास बनाए रखना भी जरूरी है। पुलिस अधिकारी का व्यवहार अच्छा और संवेदनशील होना चाहिए तथा जरूरत के समय जनता की सहायता के लिए तत्पर रहना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यह बात पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय के कांफ्रेंस हॉल में उत्तर पूर्वी पुलिस अकादमी के प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों से संवाद के दौरान कही।

आधुनिक तकनीक से बदल रही पुलिस की कार्यप्रणाली

डीजीपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायल-112 एवं एफआरवी व्यवस्था, सीसीटीएनएस, आईसीजेएस सहित विभिन्न तकनीकी प्रणालियों के माध्यम से पुलिस की कार्यक्षमता और त्वरित कार्रवाई को मजबूत किया जा रहा है। ई-ऑफिस के माध्यम से पुलिस कार्यालयों को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है। वहीं ईएचआरएमएस में करीब एक लाख पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा चुका है।

नक्सल समस्या से निपटने और कानून-व्यवस्था पर चर्चा

डीजीपी मकवाणा ने मध्यप्रदेश में नक्सल समस्या के उन्मूलन के लिए अपनाई गई पुलिसिंग और रणनीति के बारे में प्रशिक्षुओं को बताया। उन्होंने संवेदनशील जिलों में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने चंबल क्षेत्र में डकैती की समस्या और उसे समाप्त करने के लिए किए गए पुलिस प्रयासों की जानकारी भी साझा की। इस दौरान पूर्व पुलिस महानिदेशक के.एफ. रुस्तमजी के योगदान को भी याद किया।

साइबर अपराध और नशे के खिलाफ जागरूकता

डीजीपी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों और सामुदायिक पुलिसिंग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास और संवाद बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। नशा मुक्त भारत-2029 के लक्ष्य को लेकर जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षुओं को ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ और ‘सेफ क्लिक’ अभियान पर आधारित वीडियो प्रस्तुतियां दिखाई गईं।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की भी दी जानकारी

मकवाणा ने सिंहस्थ-2028 के लिए चल रहे प्रशिक्षण और अधोसंरचना संबंधी कार्यों की जानकारी दी। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और ई-समन जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया। पुलिसकर्मियों के तनाव प्रबंधन के लिए हार्टफुलनेस संस्था के साथ किए गए समझौते के तहत चल रहे प्रयासों की जानकारी दी।

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