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इंडिया ब्लाॅक की बैठक से अखिलेश का किनारा : कांग्रेस से सीट शेयरिंग पर बढ़ी खींचतान, 30 दिल्ली में जुटेगा विपक्षी कुनबा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 28, 2026
07:18 AM
कांग्रेस से सीट शेयरिंग पर बढ़ी खींचतान, 30 दिल्ली में जुटेगा विपक्षी कुनबा

लखनऊ। उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तपिश बढ़ने लगी है। चुनाव को लेकर दलों ने अंदर से लेकर बाहर तक अपनी-अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में चुनावों को लेकर इंडिया ब्लाॅक बुधवार को बड़ी बैठक करने जा रहा है। कांग्रेस की अगुवाई में बैठक दिल्ली में आहूत की गई है। लेकिन इस बैठक से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने किनारा कर लिया है।

अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह इंडिया ब्लॉक की बैठक में नहीं जा रहे हैं, उनकी जगह पार्टी का कोई नेता सपा का प्रतिनिधित्व करेगा। लेकिन उनके इस ऐलान ने कांग्रेस के कान खड़े कर दिए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन की बैठक से क्यों दूरी बना रहे हैं? हालांकि सपा ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव को लेकर व्यस्त हैं। इस वजह से वे इस बैठक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

इस बड़ी बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। ऐसे में सभी की निगाहें इंडिया ब्लाक की बैठक पर रहने वाली हैं। बता दें कि एसआईआर में 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम काटे जाने और चुनाव आयोग के भीतर मचे बवाल के बाद ममता बनर्जी से लेकर उद्धव ठाकरे तक सभी ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति तय करेंगे, लेकिन इस सबसे अहम बैठक से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दूरी बना ली है।

कांग्रेस का दबाव, सपा की रणनीति अलग

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस पार्टी लगातार सीट शेयरिंग का दबाव बना रही है कि जल्द से जल्द यूपी में सीटें तय की जाएं। कांग्रेस और सपा के बीच सीटों की संख्या और सीटों के नाम फाइनल हो जाएं, वरना देर होने से कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान हो जाएगा. इमरान मसूद से लेकर तमाम कांग्रेसी नेता यह बात कह रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव फिलहाल ऐसी किसी चर्चा से बचना चाहते हैं, वह तुरंत सीट शेयरिंग के मूड में नहीं हैं। माना जा रहा है कि इंडिया गठबंधन की बैठक से दूर रहने का फैसला फिलहाल सीट शेयरिंग को टालने से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस पार्टी को लगता है कि अगर सीट शेयरिंग का मामला एक-दो महीने और टल गया तो फिर किसी दूसरे दल से गठबंधन की बात नहीं हो पाएगी।

कांग्रेस-सपा के बीच जारी शह-मात का खेल

अखिलेश यादव के रुख को देखते हुए नहीं लगता कि वह कांग्रेस की शर्त पर सीट शेयरिंग के लिए तुरंत समझौते की मेज पर बैठने को तैयार हैं। अखिलेश यादव अपनी शर्तों पर गठबंधन चाहते हैं और कांग्रेस पार्टी अपनी शर्तों पर, ऐसे में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के पेंच सुलझना आसान नहीं है। फिलहाल दोनों के बीच शह-मात का खेल जारी है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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