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बंगाल की सियासत में हलचल : भाजपा की बढ़त पर बांग्लादेश का बड़ा बयान, बीएनपी नेता का ममता पर तीखे वार

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May 06, 2026
09:47 AM
भाजपा की बढ़त पर बांग्लादेश का बड़ा बयान, बीएनपी नेता का ममता पर तीखे वार

नई दिल्ली। बांग्लादेश की सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए भारत के आंतरिक राजनीतिक हालात पर टिप्पणी की है। पार्टी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीस्ता जल समझौते को रोकने का आरोप लगाया है और साथ ही राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदर्शन को भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।

हेलाल ने किया दावा

हेलाल ने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सरकार ने लंबे समय से रुके हुए तीस्ता बैराज और जल बंटवारे के समझौते में बाधा उत्पन्न की थी। उनके अनुसार, यदि राज्य में अब ठश्रच् मजबूत स्थिति में आती है, तो केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस लंबे समय से अटके मुद्दे का समाधान संभव हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच सबसे लंबी सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है, इसलिए वहां की राजनीतिक स्थिरता और केंद्र के साथ बेहतर तालमेल दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण है। हेलाल के अनुसार, “राजनीतिक बदलाव से सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।”

तीस्ता जल विवाद प्रमुख कूटनीतिक मसला

तीस्ता जल विवाद लंबे समय से भारत और बांग्लादेश के बीच एक प्रमुख कूटनीतिक मुद्दा रहा है। 1996 की गंगा जल संधि के तहत जल बंटवारे का ढांचा तय किया गया था, लेकिन तीस्ता नदी पर अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है। बांग्लादेश का कहना है कि उसे सूखे मौसम में पर्याप्त पानी नहीं मिलता, जिससे वहां कृषि और जनजीवन प्रभावित होता है।

2011 में एक प्रस्ताव आया था जिसमें भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल के बंटवारे का फार्मूला तय करने की कोशिश की गई थी, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार के विरोध के कारण यह लागू नहीं हो पाया। राज्य सरकार का तर्क था कि इससे स्थानीय किसानों को नुकसान होगा।

भारत और बांग्लादेश के बीच 54 नदियां साझा

भारत और बांग्लादेश के बीच 54 नदियां साझा हैं, लेकिन अब तक केवल गंगा जल संधि और कुशियारा नदी समझौता ही लागू हो पाए हैं। बाकी नदियों पर बातचीत जारी है। बीएनपी के बयान ने एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव से भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई दिशा मिल सकती है, खासकर जल संसाधन साझा करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर।

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