बंगाल में भाजपा की बम-बम, शिवनगरी में गूंजा उत्साह : गंगा के घाटों पर बंगाली महिलाओं ने खास अंदाज में जाहिर की खुशी

वाराणसी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है, जिसका असर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी साफ दिखाई दिया। जैसे-जैसे रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती नजर आई, वैसे-वैसे यहां के भाजपा समर्थकों और बंगीय समाज में उत्साह का माहौल बन गया। गंगा घाटों पर सुबह का नजारा कुछ अलग ही था, जहां परंपरा और राजनीति का अनोखा संगम देखने को मिला।
घाटों पर ‘झालमुड़ी’ के साथ जश्न, परंपरा से जुड़ी अभिव्यक्ति
वाराणसी के चेतसिंह घाट पर बंगाली समुदाय की महिलाओं ने अपने खास अंदाज में खुशी जाहिर की। आमतौर पर कचैड़ी-जलेबी के लिए मशहूर सुबह-ए-बनारस इस दिन ‘झालमुड़ी’ के स्वाद में रंगी नजर आई। महिलाओं ने न केवल झालमुड़ी तैयार की, बल्कि एक-दूसरे के साथ बांटकर खाई और चुनावी रुझानों पर प्रसन्नता व्यक्त की। यह जश्न सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सांस्कृतिक रंग भी घुला हुआ था।
शंखनाद और प्रार्थना से जुड़ा विश्वास
उत्साहित महिलाओं ने गंगा तट पर शंखनाद कर मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की। उनका मानना था कि यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि उनके विश्वास और उम्मीदों से जुड़ा पल है। उन्होंने कामना की कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त हो और राज्य में नई दिशा का आगाज हो।
प्रधानमंत्री के संदेश से प्रेरित आयोजन
महिलाओं ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान ‘झालमुड़ी’ खाने के संदेश से प्रेरित होकर उन्होंने यह आयोजन किया। उनके अनुसार, यह सामान्य जनजीवन से जुड़ने और सादगी का प्रतीक है, जिसे उन्होंने वाराणसी के घाटों पर दोहराने की कोशिश की।
अंतिम नतीजों का इंतजार, उत्साह बरकरार
हालांकि यह सब शुरुआती रुझानों के आधार पर हो रहा उत्साह है, लेकिन समर्थकों में विश्वास साफ झलक रहा है। अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं होगी, फिर भी वाराणसी में दिखा यह जश्न इस बात का संकेत है कि चुनावी माहौल केवल एक राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश में इसकी गूंज सुनाई दे रही है।
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