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देवरी नपा अध्यक्ष : फर्जी साइन मामले में नेहा जैन के खिलाफ बड़ा एक्शन, पार्षद की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस, पढ़ें क्या है पूरा मामला

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 25, 2026
10:50 AM
फर्जी साइन मामले में नेहा जैन के खिलाफ बड़ा एक्शन, पार्षद की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस, पढ़ें क्या है पूरा मामला

सागर। नगर पालिका परिषद देवरी की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित आरोपों को लेकर तगड़ा एक्शन हो गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। बता दें कि वार्ड क्रमांक-5 की पार्षद सुनीता लोधी की शिकायत पर देवरी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच, हस्ताक्षरों का सत्यापन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

पीआईसी बैठकों में अनुपस्थिति के बावजूद दर्ज मिले हस्ताक्षर

थाना प्रभारी हरिराम मानकर के अनुसार शिकायतकर्ता सुनीता लोधी वर्ष 2025 तक नगर पालिका अध्यक्ष की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल (पीआईसी) की सदस्य थीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 के दौरान आयोजित कई पीआईसी बैठकों में वह शामिल नहीं हुई थीं, लेकिन हाजिरी रजिस्टर में उनके नाम के सामने हस्ताक्षर दर्ज पाए गए।

शिकायत में 23 जनवरी, 31 जनवरी, 1 मार्च, 11 अप्रैल, 9 मई, 31 मई, 13 जुलाई, 9 अगस्त, 18 सितंबर और 13 दिसंबर 2023 की बैठकों का उल्लेख किया गया है। पार्षद का दावा है कि इन बैठकों की न तो उन्हें लिखित सूचना दी गई थी और न ही मौखिक रूप से बुलाया गया था।

आरटीआई से सामने आए दस्तावेज

मामले का खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों से हुआ। शिकायतकर्ता के पति ने बैठकों के प्रस्ताव और हाजिरी रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां हासिल कीं। दस्तावेजों की जांच में संबंधित बैठकों में उनके नाम के सामने हस्ताक्षर दर्ज मिले, जबकि उनका कहना है कि वे उन बैठकों में मौजूद ही नहीं थीं।

हस्ताक्षरों में अंतर होने का दावा

सुनीता लोधी ने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 की कई परिषद बैठकों में वह स्वयं उपस्थित रहीं और उन बैठकों में किए गए हस्ताक्षर उनके वास्तविक हस्ताक्षर हैं। उनका आरोप है कि इन वास्तविक हस्ताक्षरों और पीआईसी बैठकों में दर्ज हस्ताक्षरों की तुलना करने पर स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका मजबूत होती है।

राशि के दुरुपयोग का भी आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर प्रस्ताव पारित किए गए और शासन की योजनाओं व राशि के दुरुपयोग का प्रयास किया गया। पार्षद ने इसे सुनियोजित कूटरचना बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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