देशभर में 28 को रिलीज होगी 'महाप्रभु जगन्नाथ' : फिल्म निर्माताओं को SC से मिली बड़ी राहत, लागू रहेंगी शर्तें

नई दिल्ली। एनिमेटेड फिल्म महाप्रभु जगन्नाथ की रिलीज को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने फिल्म की अखिल भारतीय रिलीज को मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया कि इसका प्रदर्शन 28 जुलाई या उसके बाद ही किया जाएगा। अदालत ने यह व्यवस्था भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा और उससे जुड़े धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर की है, ताकि किसी भी तरह का विवाद या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।
भगवान जगन्नाथ के चित्रण पर उठा था विवाद
फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भगवान जगन्नाथ के चित्रण पर आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि फिल्म में धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है। उनका कहना था कि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। साथ ही रथ यात्रा जैसे संवेदनशील धार्मिक अवसर पर फिल्म रिलीज होने से विरोध-प्रदर्शन और तनाव की आशंका भी जताई गई थी।
हाईकोर्ट ने एहतियात के तौर पर लगाई थी रोक
इन आपत्तियों के आधार पर मामला उड़ीसा हाईकोर्ट पहुंचा, जहां फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी गई। हाईकोर्ट ने कहा था कि भगवान जगन्नाथ के चित्रण को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और इनकी विस्तार से सुनवाई जरूरी है। अदालत ने माना कि रथ यात्रा के दौरान फिल्म रिलीज होने से धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं और सार्वजनिक शांति पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से अंतिम निर्णय आने तक फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था।
निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का किया रुख
हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिल्म निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। उनका तर्क था कि फिल्म किसी धर्म या आस्था का अपमान करने के उद्देश्य से नहीं बनाई गई है और बिना अंतिम सुनवाई के इसकी रिलीज रोकना उचित नहीं है। उन्होंने अदालत से निर्धारित समय पर फिल्म रिलीज करने की अनुमति देने की मांग की।
रथ यात्रा के बाद खुलेगा रिलीज का रास्ता
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित रुख अपनाते हुए फिल्म की रिलीज को मंजूरी दी, लेकिन इसे 28 जुलाई या उसके बाद ही प्रदर्शित करने की शर्त रखी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अंतरिम व्यवस्था है और इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान संभावित विवाद से बचना है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि फिल्म के खिलाफ उठी आपत्तियों के कानूनी गुण-दोष पर अभी कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा रही है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद फिल्म की देशभर में रिलीज का रास्ता साफ हो गया है, जबकि विवाद से जुड़े कानूनी मुद्दों पर आगे भी न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
