चंदा वसूलने वाली बनी मप्र सरकार, : केन-बेतवा परियोजना में घोटाले के आरोप पर सिंघार का तीखा हमला, महिलाओं पर पुलिस की बर्बरता पर भी घेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और अब 44 हजार करोड़ रुपये की केन-बेतवा परियोजना भी गंभीर अनियमितताओं की चपेट में है। सिंघार ने दावा किया कि परियोजना प्रभावित गांवों में लोगों की सहमति लिए बिना जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और विरोध करने वालों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
परियोजना क्षेत्र के दौरे में सामने आईं कई शिकायतें
उमंग सिंघार ने बताया कि उन्होंने 14 जुलाई को केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों और किसानों से बातचीत में कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। उनका आरोप है कि प्रशासन प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सुनने के बजाय दबाव की नीति अपना रहा है।
बुजुर्ग महिलाओं और किसानों पर लाठीचार्ज
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि परियोजना का विरोध कर रहे ग्रामीणों के साथ पुलिस सख्ती बरत रही है। उन्होंने कहा कि करीब 80 वर्ष तक की बुजुर्ग महिलाओं पर भी लाठीचार्ज किया गया। उनके अनुसार, 25 से 30 बुजुर्ग महिलाएं इस कार्रवाई से प्रभावित हुई हैं। सिंघार ने यह भी दावा किया कि विरोध करने वाले किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
ग्राम सभाओं में हुई अनियमितताएं
सिंघार ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, परियोजना से प्रभावित 14 गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित ही नहीं की गईं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से उनकी जमीन लेने को लेकर राय नहीं ली गई और कई स्थानों पर आवश्यक प्रक्रियाओं को नजरअंदाज किया गया।
मुआवजा वितरण पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने मुआवजा वितरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिन लोगों का गांवों से कोई वास्तविक संबंध नहीं है, उन्हें भी मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि कई वास्तविक प्रभावित परिवार अब भी अपने अधिकारों के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में लगातार घोटालों की खबरें सामने आ रही हैं और सरकार जनहित के बजाय दूसरे हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता की नहीं, बल्कि चंदा लेने वाली सरकार बन गई है। उन्होंने मांग की कि केन-बेतवा परियोजना से जुड़े सभी मामलों की पारदर्शी जांच कराई जाए और प्रभावित ग्रामीणों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।
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