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ई-20 ईंधन : डीपफेक मामले में गडकरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, तत्काल प्रभाव से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के दिए निर्देश, स्पष्ट शब्दों में यह भी कहा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 05, 2026
07:50 AM
डीपफेक मामले में गडकरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, तत्काल प्रभाव से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के दिए निर्देश, स्पष्ट शब्दों में यह भी कहा

मुंबई। ई-20 ईंधन विवाद से जोड़कर डीपफेक और एआई से तैयार की गई कथित फर्जी सामग्री के मामले में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बड़ी राहत मिल गई है। बाॅम्बे हाईकोर्ट ने गडकरी से जुड़े सभी आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों को तत्काल प्रभाव से सोशल मीडिया के सभी मंचों से हटाने के आदेश दे दिए हैं। इस दौरान उच्च न्यायालय ने यह भी शब्दों में कहा कि इस तरह की सामग्री मो अशोभनीय मंचों में किसी भी स्थिति में नहीं रहने किया जा सकता।

ई-20 ईंधन विवाद से जोड़कर फैलाया गया था फर्जी कंटेंट

गडकरी की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया खातों पर उन्हें ई-20 ईंधन विवाद से जोड़ते हुए डीपफेक वीडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार की गई फर्जी तस्वीरें प्रसारित की गईं। इनमें एक इंस्टाग्राम रील भी शामिल थी, जिसे भ्रामक तरीके से पेश किया गया था। गडकरी के अधिवक्ता संदीप लड्ढा ने अदालत के समक्ष संबंधित सामग्री प्रस्तुत की, जिसके बाद अदालत ने इस मामले को गंभीर माना।

हाईकोर्ट ने जताई कड़ी आपत्ति

न्यायमूर्ति अरिफ डॉक्टर की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिका में जिन वीडियो और तस्वीरों को हटाने की मांग की गई है, वे अत्यंत आपत्तिजनक और अपमानजनक हैं। अदालत ने कहा कि इस प्रकार की सामग्री का किसी भी सार्वजनिक मंच पर कोई स्थान नहीं होना चाहिए, क्योंकि इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री तक बच्चे और युवा भी आसानी से पहुंच सकते हैं। अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत पाने के लिए पर्याप्त और मजबूत आधार प्रस्तुत किया है।

मेटा और गूगल ने दिया कार्रवाई का भरोसा

सुनवाई के दौरान मेटा और गूगल की ओर से भी अदालत में पक्ष रखा गया। दोनों कंपनियों ने अदालत को भरोसा दिलाया कि याचिका में सूचीबद्ध सभी आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों को उनके मंचों से हटा दिया जाएगा। अदालत ने कंपनियों के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित सामग्री हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

चार सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले में अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। इस बीच आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह आदेश ऐसे समय आया है जब डीपफेक और एआई आधारित फर्जी सामग्री को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। अदालत का यह फैसला डिजिटल मंचों पर फैलने वाली भ्रामक और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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