15 लंबित प्रस्तावों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं : राहुल पर भाजपा सांसद का बड़ा हमला, स्पीकर से एक्शन लेने की मांग, कहा- अब यह जरूरी

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस को लेकर सियासत और तेज हो गई है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए लोकसभा अध्यक्ष से लंबित विशेषाधिकार प्रस्तावों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद से उनके खिलाफ करीब 15 विशेषाधिकार प्रस्ताव लंबित हैं और अब इस मामले में निर्णय लिया जाना चाहिए।
15 प्रस्ताव लंबित, अब कार्रवाई जरूरी
निशिकांत दुबे ने कहा कि अनुराग ठाकुर द्वारा दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस की पूरी जानकारी वही बेहतर दे सकते हैं क्योंकि उन्होंने स्वयं नोटिस नहीं पढ़ा है। हालांकि, उन्होंने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जो संसद की गरिमा के खिलाफ हैं।
दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह करते हुए कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ लंबित सभी विशेषाधिकार प्रस्तावों पर विचार कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके अनुसार यदि ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अन्य सांसद भी इसी तरह की भाषा और आचरण अपनाने लगेंगे।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
भाजपा सांसद ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय से सत्ता से बाहर है और इसी वजह से उसके नेताओं की राजनीति दिशाहीन हो गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार ऐसे बयान देते हैं, जिनका कोई आधार नहीं होता। दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मौजूदा राजनीति केवल आरोप लगाने तक सीमित रह गई है।
रेवंत रेड्डी के बयान पर भी प्रतिक्रिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हालिया बयान पर भी निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी को राहुल गांधी की राजनीतिक लाइन का पालन करना पड़ता है और उसी के अनुरूप वे सार्वजनिक बयान देते हैं। हालांकि, उन्होंने रेवंत रेड्डी के साथ अपने पुराने संबंधों का भी जिक्र किया।
दुबे ने कहा कि रेवंत रेड्डी एक अच्छे इंसान हैं और दोनों ने छात्र राजनीति के दौर में साथ काम किया है। उन्होंने बताया कि रेवंत रेड्डी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और वर्ष 1995 में स्वदेशी जागरण मंच की पदयात्रा में भी उनके साथ सक्रिय भूमिका निभाई थी।
संसद में बढ़ा राजनीतिक टकराव
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस और उस पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद संसद के मानसून सत्र में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। अब निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के अगले कदम पर टिकी हैं कि लंबित विशेषाधिकार प्रस्तावों पर कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
