हामिद अंसारी के बयान पर घिरी कांग्रेस : भाजपा ने किया सीधा वार, सुधांशु त्रिवेदी बोले- ‘मुस्लिम लीग माओइस्ट कांग्रेस’ बन गई पार्टी

नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को हामिद अंसारी द्वारा पंडित नेहरू से जुड़ी एक किताब को लेकर दिए गए को लेकर कांग्रेस पर सीधा वार किया है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि हामिद अंसारी ने खुद उजागर कर दिया है कि कांग्रेस पूरी तरह से मुस्लिम लीग माओइस्ट कांग्रेस बन गई है। त्रिवेदी यही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि हामीद अंसारी ने भी खुलासा कर दिया है कि जवाहरलाल नेहरू भी वामपंथ को खतरा मानते थे। उन्होंने कहा कि ये खुलासा करने के लिए हामिद अंसारी को बधाई।
‘हामिद अंसारी को तीन बातों के लिए बधाई’
भाजपा प्रवक्ता ने सोमवार को एक प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की 2019 में लिखी गई एक किताब के अनुसार, नेहरू जी ने कहा कि उनके लिए कम्युनिज्म और हिंदू राष्ट्रवाद उतना बड़ा खतरा नहीं है। इसके लिए मैं हामिद अंसारी को बधाई देना चाहता हूं।
सुधांशु त्रिवेदी ने विस्तार से बताते हुए कहा, उनके अनुसार, नेहरू जी का कहना है कि उनके लिए कम्युनिज्म और हिंदू राष्ट्रवाद उतना बड़ा खतरा नहीं है। इस वजह से, मैं हामिद अंसारी को तीन बहुत जरूरी बातें करने के लिए बधाई देना चाहता हूं।

कांग्रेस बन गई एमएमएलसी पार्टी
पहली बात- उन्होंने पूरी तरह से यह उजागर कर दिया है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से माओवादी मुस्लिम लीग कांग्रेस बन गई है। यानी, हामिद अंसारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस अब अपने पूरे ढांचे में पूरी तरह से माओवादी मुस्लिम लीग कांग्रेस बन गई है, चाहे वह किसी ऐसे व्यक्ति से संबंधित हो जिसने उनकी सरकार के तहत संवैधानिक पद संभाला हो या नहीं।
‘आज की कांग्रेस अति-वामपंथी हो गई है’
उन्होंने कहा, दूसरी बात, उन्हें इस बात का जिक्र करने के लिए बधाई मिलनी चाहिए कि नेहरू जी के अनुसार, कम्युनिज्म से भी बड़ा खतरा था, यानी वे कम्युनिज्म को एक खतरा मानते थे और आज की कांग्रेस अति-वामपंथी हो गई है। राहुल गांधी कम्युनिज्म में उतर गए हैं, जिसे हामिद अंसारी के अनुसार नेहरू जी एक खतरा मानते थे।
तीसरी बात के लिए, मैं हामिद अंसारी की सराहना करना चाहता हूं। आप पूछते थे कि नेहरू का जिक्र क्यों लाया जाता है? नेहरू का जिक्र कौन लाया? हमने इसे नहीं उठाया, आपके समर्थकों ने इसे उठाया और किसी ऐसे व्यक्ति ने इसे उठाया जिसने संवैधानिक पद संभाला था।
‘अगर मुस्लिम लीग वही नहीं, तो कांग्रेस भी वही नहीं’
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, अगर कोई कहता है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जिन्ना वाली मुस्लिम लीग नहीं है, तो वे झूठ बोल रहे हैं। इसके संस्थापक, मुहम्मद इस्माइल, जिन्ना की मुस्लिम लीग की मद्रास प्रेसिडेंसी के प्रमुख थे। अगर जिन्ना को कायद-ए-आजम कहा जाता था, तो मुहम्मद इस्माइल को कायद-ए-मिल्लत कहा जाता था। अगर यह मुस्लिम लीग वह मुस्लिम लीग नहीं है, तो यह कांग्रेस भी वह कांग्रेस नहीं है जिसे श्इंडियन नेशनल कांग्रेसश् कहा जाता था।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
