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त्योहारों पर चीनी की कीमतों में और राहत की उम्मीद : पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने मे जुटी सीरकार, आईएसएमए का दावा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 24, 2026
11:11 AM
पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने मे जुटी सीरकार, आईएसएमए का दावा

नई दिल्ली। दशहरा और दिवाली समेत आगामी त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए सरकार और चीनी उद्योग मिलकर काम कर रहे हैं। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना प्राथमिकता है।

आईएएनएस से बातचीत में बल्लानी ने कहा कि सरकार और उद्योग दोनों यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि उपभोक्ताओं को त्योहारों के दौरान चीनी उचित दरों पर उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि दशहरा जल्द आने वाला है और इसके बाद दिवाली सहित कई प्रमुख त्योहार हैं। ऐसे में मांग बढ़ने के बावजूद बाजार में कीमतों को नियंत्रण में रखना जरूरी है।

खुदरा कीमतों में पहले ही शुरू हो चुकी नरमी

बल्लानी के अनुसार, घरेलू बाजार में चीनी की आपूर्ति फिलहाल पर्याप्त बनी हुई है और खुदरा कीमतों में नरमी का रुख दिखाई देने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों में उपभोक्ताओं को चीनी की कीमतों में और राहत मिल सकती है। उन्होंने बताया कि चीनी की एक्स-मिल कीमतों और खुदरा बाजार में कीमतों के बदलाव के बीच आमतौर पर कुछ समय का अंतर रहता है। इसका कारण आपूर्ति श्रृंखला है। मिल स्तर पर कीमत घटने के बाद उसका पूरा असर थोक विक्रेताओं और खुदरा बाजार तक पहुंचने में समय लगता है।

एक्स-मिल कीमतों में 25-30% की गिरावट

आईएसएमए महानिदेशक ने बताया कि एक्स-मिल चीनी की कीमतों में पहले ही करीब 25 से 30 प्रतिशत तक कमी आ चुकी है। पूरे भारत में एक्स-मिल कीमत का औसत वर्तमान में करीब 4,450 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया है। बल्लानी ने कहा कि जब मिल स्तर पर कीमतों में इतनी बड़ी कमी आई है तो आपूर्ति श्रृंखला में इसका प्रभाव धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंचना स्वाभाविक है। उन्होंने आने वाले समय में खुदरा कीमतों में भी कमी की संभावना जताई।

त्योहारी मांग पर रहेगी नजर

त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण चीनी की खपत में भी तेजी आ सकती है। ऐसे में बाजार में पर्याप्त स्टॉक और नियमित आपूर्ति बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। उद्योग के अनुसार, एक्स-मिल कीमतों में आई कमी का लाभ धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। सरकार और चीनी उद्योग की नजर अब त्योहारी मांग, आपूर्ति की स्थिति और खुदरा बाजार में कीमतों के रुख पर रहेगी। इससे दशहरा और दिवाली के दौरान उपभोक्ताओं को चीनी की उपलब्धता और कीमतों में संभावित राहत की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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