शुक्रवार, 10 जुलाई 202606:40:52 PM
Download App
Home/देश

बेहतर इंजन , तेज एक्सेलरेशन, अधिक ऑक्टेन रेटिंग : ई20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार दावा, प्रदूषण से भी मिलेगी निजात

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 10, 2026
08:24 AM
ई20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार दावा, प्रदूषण से भी मिलेगी निजात

नई दिल्ली। ई20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस ईंधन के इस्तेमाल से कुछ वाहनों का माइलेज 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है, लेकिन इसके बदले वाहन चालकों को बेहतर इंजन परफॉर्मेंस, तेज एक्सेलरेशन, अधिक ऑक्टेन रेटिंग और कम प्रदूषण जैसे कई महत्वपूर्ण फायदे मिलते हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि केवल माइलेज के आधार पर म्20 का मूल्यांकन करना उचित नहीं होगा।

लंबी तैयारी और परीक्षण के बाद लागू हुआ ई20

मंत्रालय के अनुसार, ई20 ईंधन को लागू करने से पहले ऑटोमोबाइल कंपनियों, ऑटो पार्ट्स निर्माताओं, परीक्षण एजेंसियों और अनुसंधान संस्थानों के साथ व्यापक स्तर पर चर्चा और परीक्षण किए गए। इंजन की क्षमता, फ्यूल सिस्टम, उत्सर्जन, टिकाऊपन, ड्राइविंग अनुभव और ईंधन दक्षता जैसे सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की गई। सरकार ने कहा कि वर्ष 2021 में ही ई20 के लिए रोडमैप सार्वजनिक कर दिया गया था, जिससे उद्योग जगत को पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके।

वाहन कंपनियों ने भी जताया भरोसा

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि यदि वाहन निर्माता कंपनियां ई20 को लेकर संतुष्ट नहीं होतीं तो वे इस ईंधन के उपयोग पर वारंटी कभी नहीं देतीं। वर्तमान में लगभग सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां नई और पुरानी दोनों तरह की गाड़ियों के लिए ई20 के उपयोग पर वारंटी प्रदान कर रही हैं।

मंत्रालय ने उदाहरण देते हुए बताया कि मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की, जिनमें लगभग 1.5 करोड़ गैर-ई20 प्रमाणित वाहन भी शामिल थे। कंपनी को म्20 के कारण इंजन में जंग, अतिरिक्त घिसाव या पुर्जों के खराब होने जैसी कोई समस्या नहीं मिली। इसी तरह हीरो मोटोकॉर्प ने भी अपने फील्ड अनुभव में किसी गंभीर तकनीकी समस्या की पुष्टि नहीं की।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद ईंधन

सरकार का कहना है कि ई20 ईंधन पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक स्वच्छ है। इससे सूक्ष्म कणों का उत्सर्जन कम होता है और पूरे लाइफ साइकिल के दौरान कार्बन उत्सर्जन में लगभग 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। मंत्रालय ने इसे स्वच्छ, बेहतर गुणवत्ता वाला और अधिक दक्ष ईंधन बताया है।

एथेनॉल मिशन पर बड़ा निवेश

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ई20 की आपूर्ति के लिए देशभर में अलग सप्लाई चेन विकसित करना आसान नहीं था। पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों ने एथेनॉल उत्पादन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे में हर वर्ष लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। मिश्रण लक्ष्य हासिल करने के लिए नए एथेनॉल प्लांट, डिस्टिलरी, स्टोरेज सुविधाएं और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार किए गए हैं। सरकार का मानना है कि ई20 ईंधन भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें