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CEC के खिलाफ सरकार का हल्लाबोल : दिग्गजों की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने घेरा निवार्चन सदन, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए नारे

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 28, 2026
09:50 AM
दिग्गजों की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने घेरा निवार्चन सदन, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए नारे

भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यही नहीं, सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी हरीश चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन सदन का घेराव किया। इस दौरान नेताओं ने एसआईआर के नाम पर देशभर में करोड़ों मतदताओं के नाम काटने का गंभीर आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कई कार्यकर्ता लगाए गए बैरिकेड्स पर पर चढ़ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हाथों में बेड़ी पहनाई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार की।

यह देश-मप्र और संविधान को बचाने की लड़ाई

प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं है। भाजपा सरकार ने निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की जगह अपनी सरकार के मंत्री को मेंबर बनाया, तभी निर्वाचन आयोग को कमजोर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। यह देश, मध्य प्रदेश और संविधान को बचाने की लड़ाई है। यह केवल आरोप लगाने तक सीमित नहीं है‌।

भूरिया की टिप्पणी से विवाद

प्रदर्शन के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों से चुनाव कराया गया तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। भूरिया की टिप्पणी के दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात भी कही, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

जंजीरों में नजर आया कार्यकर्ता

प्रदर्शन से पहले एक कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने और जंजीरों में जकड़ा हुआ नजर आया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उसे जंजीरों से पकड़े दिखाई दिए। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था से जुड़े अपने सवालों को प्रमुखता से उठाया।

चुनाव आयोग के फैसलों पर उठे सवाल

बता दें कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन उस रिपोर्ट के बाद हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले दस महीनों के दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची तथा विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कुछ फैसलों पर कम से कम 14 आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्ट किया कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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