परीक्षा अनिवार्यता मामला : शासन और अध्यापक संयुक्त मोर्चा की अहम बैठक आज, डीपीआई में आयुक्त करेंगे शिक्षकों से चर्चा

भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता मामले में एक नया मोड़ आया है। मध्य प्रदेश शासन ने शिक्षक अध्यापक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों को बुधवार को पुनरू बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। दरअसल टीईटी को लेकर दो दिन पहले कुछ शिक्षक नेताओं के साथ नए आयुक्त के साथ बैठक की थी, लेकिन इसमें मोर्चा के प्रतिनिधि उपस्थित नहीं थे। इस पर मोर्चा की तरफ से नाराजगी व्यक्त की गयी थी। फिलहाल इस मामले में अहम बैठक बुधवार को दोपहर 3 बजे डीपीआई आयुक्त ने शिक्षकों के साथ रखी है। इधर इस मामले में शिक्षक- अध्यापक संयुक्त मोर्चा, कांग्रेस और बीजेपी ने नये सिरे से अपने-अपने बयान जारी किए हैं।
शिक्षक अध्यापक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा है कि सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने पात्रता परीक्षा को लेकर फैसला दिया था। इस फैसले के 7 महीने बाद तक मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को भ्रम में रखा। पहले सरकार साफ कह देती कि सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे, तो शिक्षक खुद अपना बचाव करते। अब बीच मंझधार में शिक्षकों को छोडना अच्छी बात नहीं है। परीक्षा को लेकर 2 मार्च को जो आदेश जारी किया, उसे निरस्त किया जाएं। पुनर्विचार याचिका पर जब तक फैसला ना आए, तब तक टीईटी परीक्षा ना हो।
बैठक से एक घंटे पहले बुलाया
बता दें कि डीपीआई में आयुक्त अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में जो बैठक हुई थी। उसमें राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, मप्र शिक्षक संघ से छत्रवीर सिंह राठौर और शिक्षक कांग्रेस से सतीश शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। इसमें अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा की ओर से कोई पदाधिकारी नहीं पहुंचा, जो खुद को इस पूरे मामले के मुख्य आंदोलनकर्ता होने का दावा कर रहे हैं। कौशल का कहना है कि डीपीआई के संयुक्त संचालक धर्मेंद्र शर्मा दोपहर करीब 2.30 बजे पदाधिकारियों को मैसेज देकर टीईटी को लेकर दोपहर 3.30 बजे बैठक में आने का न्योता दिया। कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने सवाल उठाया कि अचानक बैठक कैसे आयोजित कर ली गई? इसलिए हमने बुधवार 15 अप्रैल को आयुक्त से मिलने की मांग की है।
शिक्षकों को बेरोजगार करने की तैयारी : कांग्रेस
टीईटी अनिवार्यता को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार बुजुर्ग शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए मजबूर कर रही है। लंबे समय से ये शिक्षक पढ़ा रहे हैं वो अपनी फील्ड में परिपक्व है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए टीईटी जरूरी : भाजपा
बीजेपी प्रवक्ता अजय धबले ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने सही कहा कि धरना प्रदर्शन की जगह शिक्षक कोर्ट जाए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए टीईटी जरूरी है। भाजपा सरकार की कोशिश है कि बीच का रास्ता निकाला जाए।
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