TET पर वार्ता बेनतीजा : सरकार का सिर्फ आश्वासन, 18 अप्रैल को भोपाल में ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा'

भोपाल | मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा और सरकार के बीच हुई अहम बैठक बेनतीजा रही। सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के बाद मोर्चा ने अब आंदोलन का रास्ता तेज करने का ऐलान किया है।
क्या हुई बैठक में चर्चा?
मोर्चा के मीडिया प्रभारी उपेन्द्र कौशल के अनुसार, शासन के आमंत्रण पर दो चरणों में वार्ता हुई—
पहला चरण: स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के निवास पर
दूसरा चरण: लोक शिक्षण संचालनालय में
आयुक्त अभिषेक सिंह
संचालक के. के. द्विवेदी
संयुक्त संचालक धर्मेन्द्र शर्मा के साथ
मोर्चा की मुख्य मांगें
बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने दो प्रमुख मुद्दे उठाए—
2 मार्च को जारी TET परीक्षा आदेश निरस्त किया जाए
नवीन शिक्षक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति तिथि से हो
लेकिन इन दोनों मांगों पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट फैसला सामने नहीं आया।
सरकार का क्या रहा रुख?
शासन की ओर से सिर्फ आश्वासन दिया गया—
TET मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार
विधि विशेषज्ञों से परामर्श जारी
TET से जुड़े मामलों को स्पष्ट करने के लिए विशेष सेल बनाने की बात
हालांकि, कोई समय-सीमा तय नहीं की गई, जिससे शिक्षकों में असंतोष बना हुआ है।
अब क्या करेगा मोर्चा?
सरकार से ठोस निर्णय न मिलने पर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने बड़ा कदम उठाया है—18 अप्रैल को भोपाल में ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा मोर्चा ने साफ कर दिया है कि कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही होगा
आलोक त्रिपाठी
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