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जहां पानी भी नसीब नहीं : बड़वानी के आदिवासी गांवों की दर्दनाक हकीकत

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Apr 15, 2026
09:46 AM
बड़वानी के आदिवासी गांवों की दर्दनाक हकीकत

बड़वानी से आदित्य शर्मा की रिपोर्ट

बड़वानी- मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के ग्राम पंचायत पिपरकुण्ड में गर्मियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. कुंडिया फलिया और कंजानिया फलिया के हालात ऐसे है कि यहां ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर है. जो पानी जानवर पीते हैं वही पानी ग्रामीणों को पीना पड़ रहा है. इतना ही नहीं गंदे पानी को भी कई किलोमीटर दूर से खच्चरों के सहारे घर तक लाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों कहना है कि जिस जगह से पानी भरा जा रहा है वो रास्ते बेहद पत्थरीला है अगर किसी का पैर फिसल जाए, तो जान जोखिम में पड़ जाएगी है.कई बार हादसे हो भी चुके हैं…

वहीं स्थानीय ग्रामीणों के बताया कि कुएं में उतरकर पानी लाना पड़ता है बड़े हो या छोटे बच्चे सभी को पानी लाने के लिए इस कुएं में उतरना पड़ता है जिससे जान का खतरा हमेशा बना रहे हैं यहां के करीब 40 से 50 परिवार यहीं से पानी भरते हैं प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई होते हैं इस आदिवासी बहुल इलाकों में एक भी हैंडपंप नहीं है. साथ ही सरकारी नल जल योजना का लाभ भी यहां के लोगों को नहीं मिल पा रहा है आलम तो ये है कि जो पानी ग्रामीण पी रहे हैं वहीं पानी मवेशी भी पी रहे हैं 30-35 परिवार यही पानी पी रहे हैं ग्रामीण 1 से 3 किलोमीटर तक पानी भरने के लिए आती है  कुंडिया फलिया और कंजानिया फलिया के लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ग्रामीण कई बार जनसुनवाई में भी गुहार लगा चुके हैं. जनप्रतिनिधियों को आवेदन भी दे चुके हैं. मगर समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है

सालों से नल जल की समस्या

पानी की कमी का आलम यहां इस कदर हैं कि ग्रामीण खुद कुओं, नालों और नदियों के किनारे गड्ढे खोदते हैं. इन गड्ढों से रिसने वाले गंदे पानी को छानवर ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते हैं. जो पानी ग्रामीण पी रहे हैं वह बेहद ही गंदा है और स्वास्थ्य के लिए बेहद ही खतरनाक है वहीं जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव में ऐसी कोई समस्या नहीं है वहीं जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या से साफ इनकार कर रहे हैं…

लेकिन ये तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं…अब सवाल ये है…क्या तस्वीरें झूठ बोल रही हैं… या फिर जिम्मेदार अपने दावे में…?और सबसे बड़ा सवाल…आखिर कब खुलेगी प्रशासन की आंखें…?

नीलम अहिरवार 


नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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