इंडिया ब्लाक की बैठक में 23 दलों का शक्ति प्रदर्शन : खड़गे ने केन्द्र सरकार पर तीखा हमला, विपक्षी दलों से एकता का किया आह्वान

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सोमवार को इंडिया गठबंधन की अहम बैठक आहूत की गई। इस बैठक विपक्षी दलों ने केन्द्र की भाजपा सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई महत्वपूर्ण बैठक में 23 दलों के नेता शामिल हुए। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से तेजस्वी यादव के साथ ही एनसीपी (एसपी) की ओर सुप्रिया सुले बैठक में मौजूद रहे। इंडिया गठबंधन के नेताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।
एकता और समन्वय को आगे बढ़ाने की जरूरतः खड़गे
खड़गे ने कहा कि इंडिया गठबंधन को बने लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं और इस दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखी है। उन्होंने हाल ही में संसद में डिलिमिटेशन से जुड़े मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 अप्रैल को विपक्षी दलों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के कथित दुर्भावनापूर्ण प्रयासों को विफल किया था। उन्होंने कहा कि अब इसी एकता और समन्वय को आगे बढ़ाने की जरूरत है ताकि देश के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
खड़गे ने एसआईआर की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि इसके कारण करोड़ों लोगों के मताधिकार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने तथा डराने के लिए किया जा रहा है।
गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ किया जा रहा भेदभाव
खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बढ़ती महंगाई, कमजोर आर्थिक माहौल और रोजगार सृजन की धीमी गति को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उनके अनुसार नए निवेश अपेक्षित स्तर पर नहीं आ रहे हैं, जबकि कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
बैठक में उठा परीक्षा प्रणाली में अव्यवस्था का मसला
उन्होंने परीक्षा प्रणाली में कथित अव्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे लाखों युवाओं के भविष्य और उम्मीदों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही समाज के कमजोर वर्गों पर हो रहे अत्याचार और विदेश नीति को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की।
बैठक के अंत में खड़गे ने सभी सहयोगी दलों के नेताओं से अपने विचार रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चर्चा के बाद विपक्षी दल आगामी रणनीति पर सामूहिक निर्णय लेंगे और संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करेंगे। इंडिया ब्लॉक की इस बैठक को आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
