टीएमसी में महाविस्फोट! : ममता बनर्जी की पकड़ हुई कमजोर, 50 से ज्यादा विधायक ऋतब्रत के साथ, पार्टी में बगावत से मचा भूचाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। करीब 15 वर्षों तक सत्ता पर काबिज रही पार्टी इस बार महज 81 सीटों तक सिमट गई, जिसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। चुनावी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
सत्ता से बाहर होने के बाद अब टीएमसी आंतरिक कलह से भी जूझती नजर आ रही है। पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने खुलकर नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों नेताओं की सक्रियता ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि टीएमसी के भीतर बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठ रही है।
ऋतब्रत को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी के 80 में से 50 से अधिक विधायकों का समर्थन हासिल है। यही नहीं, उन्हें विधानसभा में टीएमसी के नए नेता प्रतिपक्ष के तौर पर आगे बढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए सबसे बड़ा झटका माना जाएगा।
बैठक से दूरी बनाकर नाराजगी का संकेत दे चुके हैं विधायक
सोमवार रात कोलकाता स्थित विधायक हॉस्टल में ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कई विधायकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलों का बाजार गर्म है। इससे पहले भी टीएमसी के 80 विधायकों में से लगभग 60 विधायक ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई बैठक से दूरी बनाकर नेतृत्व के प्रति नाराजगी का संकेत दे चुके थे।
संकट से कैसे निपटेंगी दीदी, सभी की टिकीं निगाहें
पार्टी के भीतर बढ़ती बगावत और नेतृत्व को चुनौती देने वाली गतिविधियों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ममता बनर्जी इस संकट से कैसे निपटती हैं और क्या टीएमसी इस राजनीतिक तूफान को संभाल पाएगी या नहीं।
बैठक से 60 विधायकों ने बना ली थी दूरी
बता दें कि बीतों ने ममता बनर्जी ने बीतों दिनों विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें सिर्फ 20 विधायक ही शामिल हुए थे। जबकि 60 विधायकों ने इस बैठक से दूरी से बना ली थी। अब उन्हीं विधायकों से ऋतब्रत बनर्जी की मुलाकात ने बंगाल में सियासी हलचल बढ़ा दी है।
दीदी से नेता और कार्यकर्ताओं का मोह हो रहा भग
टीएमसी के कार्यकर्ता से लेकर नेता तक का ममता बनर्जी से मोहभंग हो रहा है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर विरोध के सुर टीएमसी में तेज होते जा रहे हैं। टीएमसीके कई नेता और विधायक पार्टी की इस हालत के लिए खुले तौर पर उन्हें ही दोषी ठहरा रहे हैं. वे उन पर भ्रष्टाचार, घमंड, परिवारवाद, सीनियर नेताओं को किनारे करने और आई.पैक के प्रोफेशनल्स के जरिए पार्टी को अपनी जागीर की तरह चलाने का आरोप लगा रहे हैं।
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