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ईवीएम का जिन्न फिर आया बाहर : मायावती ने बैलेट पेपर से मतदान कराने बुलंद की आवाज, कहा- मतदाता को इस बात का होना चाहिए पूरा भरोसा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 28, 2026
08:28 AM
मायावती ने बैलेट पेपर से मतदान कराने बुलंद की आवाज, कहा- मतदाता को इस बात का होना चाहिए पूरा भरोसा

लखनऊ। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। बसपा सुप्रीमो मायातवी ने ईवीएम से चुनावी प्रक्रिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से बंद कर बैलेट पेपर से मतदान कराने की आवाज बुलंद कर दी है। इस दौरान मायावती ने यह भी कहा कि बसपा शुरू से ही ईवीएम से मतदान कराने का विरोध करती रही है।

मायावती ने सोमवार को कहा कि चुनाव में मतदाता को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है, उसका मत उसी के खाते में गया और गिनती में शामिल हुआ। वोट को लेकर संदेह की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।

मायावती ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक मतदाता बिना किसी संदेह के अपने मत के सुरक्षित और सही तरीके से दर्ज होने को लेकर आश्वस्त रहे। बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में शुरुआती कई दशकों तक बैलेट पेपर के जरिए चुनाव होते रहे और मतगणना के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतपत्रों की गिनती की जाती थी।

कांग्रेस के दौर में भाजपा के सवालों का भी किया जिक्र

उन्होंने कहा कि बाद में बैलेट पेपर की जगह ईवीएम का इस्तेमाल शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे और ईवीएम की इलेक्ट्रॉनिक चिप के साथ छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताई थी। मायावती ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने ईवीएम से मतदान और मतगणना की व्यवस्था को जारी रखा। मायावती ने कहा कि बसपा शुरू से ही ईवीएम के इस्तेमाल का विरोध करती रही है।

नगीना सीट का उदाहरण देकर जताई आशंका

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के समर्थकों के बीच ईवीएम को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है। नगीना लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार की जीत को लेकर भी स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं और आशंकाएं हैं। हालांकि, ये आरोप और धारणाएं संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखी जानी चाहिए। बसपा प्रमुख ने वीवीपैट व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सभी वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम में दर्ज मतों से मिलान नहीं होता, तो मतदाता के मन में उठने वाले संदेह पूरी तरह समाप्त नहीं किए जा सकते।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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