मप्र भाजपा को मिला नया चाणक्य : सत्ता-संगठन के बीच तालमेल बैठाएंगे चन्द्रशेखर

- मनोज वर्मा, भोपाल
मध्य प्रदेश बीजेपी को नया चाणक्य मिल गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की हरी झंडी के बाद पिछले कई महीनों खाली चल रहे संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी अब चंद्रशेखर को सौंप दी है। इसके साथ लंबा इंतजार भी खत्म हो गया है। चंद्रशेखर की इस नियुक्ति के साथ ही बीजेपी ने एमपी में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करने का बड़ा दांव खेला है
आपको बता दें कि जनवरी में हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के बाद से ही मध्य प्रदेश में यह सबसे पावरफुल सांगठनिक पद खाली चल रहा था, जिसे अब चंद्रशेखर की नियुक्ति से भर दिया गया है। चंद्रशेखर मूल रूप से आरएसएस के प्रचारक हैं और राजस्थान व तेलंगाना में बीजेपी संगठन को मजबूत करने का उनके पास एक लंबा अनुभव है।
लो-प्रोफाइल और कड़क रणनीतिकार माने जाते हैं चन्द्रशेखर
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा के रहने वाले चंद्रशेखर संघ के एक बेहद लो-प्रोफाइल और कड़क रणनीतिकार माने जाते हैं। उनके सांगठनिक सफर का सबसे बड़ा मोड़ साल 2014 में आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ा। उस वक्त वाराणसी के चुनाव प्रबंधन और सांगठनिक चक्रव्यूह को तैयार करने के पीछे चंद्रशेखर का ही दिमाग था।
राजस्थान के बाद तेलंगाना में भी दी संगठन को धार
इसके बाद साल 2017 में उन्हें राजस्थान बीजेपी का संगठन महामंत्री बनाया गया। चंद्रशेखर ने राजस्थान में लगातार 7 साल तक काम किया, जो वहां के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल है। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस को उखाड़ फेंकने और बीजेपी की सत्ता में वापसी कराने के पीछे उनकी माइक्रो-प्लानिंग और बूथ मैनेजमेंट को सबसे बड़ा श्रेय दिया जाता है। राजस्थान के बाद उन्होंने करीब दो साल तक तेलंगाना में भी संगठन को धार दी।
चन्द्रशेखर के सामने बड़ी चुनौती
हितानंद शर्मा के संघ में जाने के बाद भोपाल का संगठन महामंत्री पद खाली था। अब चंद्रशेखर भोपाल केंद्र से मध्य प्रदेश बीजेपी की कमान संभालेंगे। उनके सामने मोहन यादव सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाने और आगामी स्थानीय चुनावों के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने की एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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