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11 मौतों का गुनहगार कौन? : चिन्नास्वामी भगदड़ मामले में जिम्मेदारों को क्लीनचिट मिलने पर कांग्रेस पर बरसे विपक्ष के नेता

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 15, 2026
09:59 AM
चिन्नास्वामी भगदड़ मामले में जिम्मेदारों को क्लीनचिट मिलने पर कांग्रेस पर बरसे विपक्ष के नेता

बेंगलुरु। चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को क्लीन चिट दे दिया है। इतना ही सरकार ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत चल रही विभागीय कार्रवाई को भी समाप्त कर दिया है। इसके बाद विपक्ष ने सरकार की भूमिका और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विधासभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार आरोपियों को बचाने में जुटी है, लेकिन 11 मौतों का गुनहगार कौन है। आर. अशोक ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और अब पुलिस अधिकारी भी निर्दोष बताए जा रहे हैं, तो आखिर उन 11 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सरकार प्रायोजित त्रासदी थी। उनके मुताबिक पीड़ित परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार सच सामने लाने के बजाय मामले को दबाने में लगी है।

जश्न की अनुमति और प्रशासनिक फैसलों पर उठाए सवाल

विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर आरसीबी की आईपीएल जीत के जश्न की अनुमति देकर अव्यवस्था को बढ़ावा दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार हादसे के दौरान भी आरसीबी का झंडा लेकर फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे।

आर. अशोक ने कहा कि पुलिस ने भीड़ नियंत्रण को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी, लेकिन तत्कालीन डीपीएआर सचिव सत्यवती ने कार्यक्रम को विधान सौधा के सामने आयोजित कराने पर जोर दिया। वहीं तत्कालीन मुख्य सचिव शालिनी रजनीश पूरे प्रशासनिक तंत्र की निगरानी कर रही थीं।

जांच समितियां सिर्फ लीपापोती का जरिया

आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गठित हर जांच समिति का उद्देश्य दोषियों को बचाना और मामले को ठंडे बस्ते में डालना रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था और शुरुआत से ही आशंका जताई थी कि जांच निष्पक्ष नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता हमेशा नहीं रहती और जनता सब देख रही है। समय आने पर लोग इस घटना का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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