रक्षा मंत्री के दावे से तिलमिलाई कांग्रेस : पवन खेडा ने किया पलटवार, बोले- चुनाव से सरकार बदलने में गलत क्या है

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लखनऊ एक प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दावा किया की विपक्ष देश अस्थिरता पैदा कर सत्ता हासिल करना चाहता है। राजनाथ सिंह के आरोपों से विपक्ष तिलमिला गया है। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा पीसी कर सिंह के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने भी दावा किया की भाजपा और आरएसएस को सत्ता से बाहर होने का डर सता रहा है। इस दौरान उन्होंने यह भी सवाल उठाया की लोकतंत्र मं चुनाव के जरिए सरकार बदलने की बात को कैसे गलत ठराया जा सकता है।
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान से बढ़ा सियासी तापमान
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस का ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान चुनावी मुद्दों पर जनता की आवाज उठाने का माध्यम है। विपक्ष खुले तौर पर कह रहा है कि वह मौजूदा सरकार को चुनाव में हराकर सत्ता से बाहर करना चाहता है। ऐसे में सरकार बदलने की मांग को अराजकता से जोड़ना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना, विरोध दर्ज कराना और जनता के बीच जाकर राजनीतिक विकल्प पेश करना है। खेड़ा के मुताबिक, जब सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव है, तो इस मांग को लेकर सवाल खड़े करना समझ से परे है।
1977 का जिक्र कर भाजपा को घेरा
कांग्रेस सांसद ने अपनी बात के समर्थन में वर्ष 1977 में हुए सत्ता परिवर्तन का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि जब देश में पहले भी चुनाव के माध्यम से सरकार बदली है, तो आज विपक्ष की ऐसी मांग पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है? खेड़ा ने कहा कि चुनाव में सरकार को हराने और सत्ता से हटाने की राजनीतिक इच्छा लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। विपक्ष इसी प्रक्रिया के जरिए सत्ता परिवर्तन चाहता है।
राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश से की थी तुलना
दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विपक्ष चुनाव सुधार या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में अस्थिरता पैदा कर सत्ता हासिल करना चाहता है।
सिंह ने आरोप लगाया था कि विपक्ष युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों के बजाय राजनीतिक टकराव और अशांति फैलाने के लिए कर रहा है। उन्होंने बांग्लादेश के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए भारत में भी ऐसी स्थिति पैदा करने की कोशिशों पर सवाल उठाए थे।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
