संगठन सृजन अभियान : यूपी कांग्रेस में नई टीम बनाने की तैयारी तेज, कई जिलाध्यक्षों पर गिरेगी गाज, सक्रिय नेताओं को आगे लाने का फैसला

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में अब संगठन को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पार्टी ने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के साथ-साथ कई जिलों और शहरों में निष्क्रिय पदाधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि संगठन में अब सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी पार्टी के नवनियुक्त सहप्रभारियों को सौंपी गई है। उन्हें उत्तर प्रदेश में संगठन सृजन अभियान को आगे बढ़ाने और जिलों में संगठन की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। सहप्रभारियों को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को सौंपनी होगी। इसके बाद रिपोर्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास भेजी जाएगी।
इंदिरा भवन की बैठक में मिला बड़ा टास्क
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में संगठन सृजन अभियान को लेकर हुई बैठक में पार्टी आलाकमान ने संगठन को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया। बैठक में कहा गया कि जो नेता लगातार सक्रिय हैं और पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, उन्हें संगठन में आगे लाया जाए। साथ ही संगठन सृजन अभियान के अगले चरण को इसी सप्ताह शुरू करने के निर्देश दिए गए। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी ने सहप्रभारियों के बीच जोन और जिलों की जिम्मेदारियों का बंटवारा भी कर दिया।
छह सहप्रभारियों को मिली जोनवार जिम्मेदारी
अब्दुलहन्नान को अवध जोन की जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें 11 जिले शामिल हैं। अभिषेक दत्त पूर्वांचल जोन के 12 जिलों का संगठन देखेंगे। वरुन चौधरी को प्रयागराज जोन की जिम्मेदारी मिली है, जहां 12 जिले हैं। वहीं जगदीश चंद्र बुंदेलखंड जोन के 13 जिलों की जिम्मेदारी संभालेंगे। कुनाल चौधरी को ब्रज जोन के 13 जिले सौंपे गए हैं। संजीव आर्या पश्चिम जोन के 14 जिलों में संगठन सृजन अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
निष्क्रिय पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज
पार्टी की पूरी कवायद का फोकस संगठन में सक्रियता बढ़ाने पर है। ऐसे में जिन जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों की सक्रियता संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, उन्हें पद से हटाया जा सकता है। नई प्रदेश कार्यकारिणी में भी सक्रिय और मजबूत चेहरों को जगह मिलने की संभावना है।
अब सहप्रभारियों की रिपोर्ट के बाद तस्वीर और साफ होगी कि किन जिलों में नेतृत्व परिवर्तन किया जाता है और किन नेताओं को संगठन में नई जिम्मेदारी मिलती है। यूपी कांग्रेस का यह अभियान आने वाले दिनों में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव का आधार बन सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
