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‘क्या आप बीजेपी से हैं?’ : पत्रकार पर भड़के राहुल, छात्र आंदोलन में धायल पुलिसकर्मियों को लेकर किया था सवाल

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 31, 2026
11:02 AM
पत्रकार पर भड़के राहुल, छात्र आंदोलन में धायल पुलिसकर्मियों को लेकर किया था सवाल

नई दिल्ली। छात्र आंदोलन के दौरान बीते 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले मार्च के दौरान भड़की हिंसा की गूंज अब सड़क से सदन तक सुनाई दे रही है। शुक्रवार को संसद के बाहर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब ने पूरे विवादत को नया राजनीतिक रूप दे दिया है। दरअसल पत्रकार ने राहुल से हाल ही में हुई हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की मांग को लेकर सवाल किया। इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया, “क्या आप भाजपा से हैं?” राहुल यह जवाब अब सियासी घमासान का बड़ा मुद्दा बन गया है।

भाजपा ने इसे पुलिसकर्मियों के अपमान और कांग्रेस की असंवेदनशीलता करार देते हुए तीखा हमला बोला है, जबकि कांग्रेस इसे सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है। ऐसे में छात्र मार्च की हिंसा का मामला एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जवाबी हमलों के केंद्र में आ गया है।

पुलिसकर्मियों के परिवारों ने सुनाई आपबीती

इससे पहले शुक्रवार को छात्र मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के कई जवानों के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। परिवारों ने बताया कि हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की पीड़ा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

राहुल की टिप्पणी पर बढ़ा विवाद

संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान जब राहुल गांधी से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने पत्रकार से पूछा, ष्क्या आप भाजपा से हैं?ष् इस संक्षिप्त टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया। भाजपा नेताओं ने इसे पुलिसकर्मियों के मुद्दे से बचने की कोशिश बताते हुए राहुल गांधी की आलोचना की, जबकि कांग्रेस का कहना है कि उसका मुख्य मुद्दा छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई और उससे जुड़े सवाल हैं।

20 जुलाई की घटना पर जारी है सियासत

रिपोर्टों के अनुसार, 20 जुलाई को निकाले गए छात्र मार्च के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस का कहना है कि झड़पों के दौरान पथराव और हिंसा हुई, जबकि विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया।

भाजपा ने विपक्ष को घेरा

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घायल पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के भी परिवार और अधिकार हैं तथा उनके साथ हुई हिंसा पर संवेदनशीलता दिखाना सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रदर्शन में असामाजिक या आपराधिक तत्व शामिल होकर पुलिस पर हमला करते हैं तो उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा अब संसद से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि घटना की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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