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संबल योजना बनी श्रमिकों का सहारा : सीएम मोहन ने 9 हजार हितग्राहियों के खाते में डाले 203 करोड़, संकट के हर घड़ी में साथ खड़ी सरकार

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 25, 2026
07:33 AM
सीएम मोहन ने 9 हजार हितग्राहियों के खाते में डाले 203 करोड़, संकट के हर घड़ी में साथ खड़ी सरकार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और उनके जीवन में खुशहाली लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रमिक अपने खून-पसीने से विकसित मध्यप्रदेश की नींव तैयार कर रहे हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा आर्थिक मजबूती के लिए सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में जब परिवार पर संकट आता है, तब मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 श्रमिक परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीएम हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के श्रमिक हितग्राहियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रक्षाबंधन से पहले श्रावण के अंतिम सोमवार को श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 के तहत अनुग्रह सहायता राशि की 11वीं किश्त जारी की। सिंगल क्लिक के माध्यम से 9 हजार 149 पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में 203 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

मुश्किल वक्त में संबल बना परिवारों का सहारा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना ने प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि जब किसी परिवार के मुखिया का असामयिक निधन हो जाता है या अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है, तब यह सहायता राशि परिवार को आगे बढ़ने का हौसला देती है।

श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमिक केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार नहीं हैं, बल्कि विकास यात्रा के महत्वपूर्ण साथी हैं। सरकार श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जहां ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू की गई है। इसके साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए ‘श्रम स्टार रेटिंग’ की शुरुआत की गई है। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों के कौशल को निखारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दिशा में श्रमिकों को सहकारिता से जोड़ने के लिए ‘श्रमणा’ योजना भी शुरू की गई है।

गर्भवती श्रमिक बहनों को 16 हजार रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक बहनों के स्वास्थ्य और पोषण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। संबल योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती श्रमिक महिलाओं को 16 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े और मां-बच्चे को बेहतर पोषण मिल सके।

उन्होंने बताया कि यदि कोई श्रमिक दुर्घटना या अन्य कारणों से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके सामने आजीविका का संकट न आए, इसके लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है। अस्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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