MP की बेटी ने 18,510 फीट की ऊंचाई पर रचा इतिहास : माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर बढ़ाया प्रदेश का मान, शिखर पर फहराया पुलिस का ध्वज भी

भोपाल। हौसला मजबूत हो तो मुश्किल से मुश्किल ऊंचाई भी छोटी पड़ जाती है। मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक वर्षा पटेल ने अपने साहस और दृढ़ संकल्प से ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। जबलपुर में पदस्थ वर्षा पटेल ने 21 अगस्त 2026 को यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर मध्यप्रदेश का मान बढ़ाया। 18,510 फीट यानी 5,642 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर उन्होंने भारत के साथ मध्यप्रदेश पुलिस का ध्वज भी लहराया।
सुबह 9:07 बजे शिखर पर पहुंचीं
माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त से हुई थी। पर्वतीय क्षेत्र में मौसम लगातार चुनौती बना रहा। तेज हवाओं, जमा देने वाली ठंड और बदलते मौसम के कारण पर्वतारोहण दल को कई दिनों तक अनुकूल परिस्थितियों का इंतजार करना पड़ा। 20 और 21 अगस्त को मौसम ने साथ दिया तो अंतिम शिखर अभियान शुरू किया गया। तमाम मुश्किलों के बीच वर्षा पटेल ने अपने कदम नहीं रोके और 21 अगस्त की सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। यह क्षण उनके लिए ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का बन गया।
डीजीपी ने दी बधाई
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने वर्षा पटेल को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दुनिया की ऊंची चोटियों में शामिल एल्ब्रुस को फतह करना पूरे पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वर्षा ने साहस, अनुशासन और संकल्प के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। वर्षा की उपलब्धि पुलिस बल की महिला सदस्यों के साथ-साथ प्रदेश की बेटियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है।
खेल के मैदान से पर्वत की चोटी तक
वर्षा पटेल को बचपन से ही खेल और पर्वतारोहण में रुचि रही है। वह राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 10 से अधिक पदक हासिल कर चुकी हैं। उनके लिए यह पहली बड़ी पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं है। वर्ष 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट कोज़ियास्को पर भी तिरंगा फहराया था। इस उपलब्धि के साथ वह मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला आरक्षक बनी थीं, जिन्होंने उस चोटी पर भारत का ध्वज पहुंचाया।
वर्दी से शिखर तक बेटियों की उड़ान
वर्षा पटेल की कहानी केवल एक पर्वतारोहण अभियान की सफलता नहीं है। यह उस जज्बे की कहानी है, जिसमें वर्दी की जिम्मेदारी निभाने के साथ अपने सपनों को भी ऊंचाई दी जाती है। बर्फीले पहाड़ों के बीच तिरंगा थामे वर्षा ने साबित किया कि बेटियां अवसर और संकल्प मिलने पर किसी भी चुनौती को पार कर सकती हैं।
मध्यप्रदेश पुलिस की वर्दी से यूरोप की सर्वोच्च चोटी तक पहुंची वर्षा पटेल ने तिरंगे को नई ऊंचाई दी है। उनकी यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की बेटियों के साहस, प्रतिभा और अटूट हौसले की पहचान बन गई है।
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