11 किलोमीटर की आस्था यात्रा : सीवन तट से कुबेरेश्वरधाम तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, बारिश की बूंदों में गूंजा ‘हर-हर महादेव’

सीहोर। सावन के समापन की ओर बढ़ते दिनों में प्रदोष के शुभ अवसर पर मंगलवार को सीहोर शिव आराधना के रंग में रंगा दिखाई दिया। सुबह सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम के लिए भव्य कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नदी का पवित्र जल कांवड़ में धारण किया और बाबा कुबेरेश्वर महादेव के जलाभिषेक का संकल्प लेकर पैदल यात्रा शुरू की। करीब 11 किलोमीटर लंबे मार्ग पर भगवा ध्वज, शिवभजनों और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
भगवा ध्वजों से सजे मार्ग पर कांवड़ियों की लंबी कतारें नजर आईं। चारों ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजते रहे। भजनों और धार्मिक नारों के बीच पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
बारिश भी नहीं रोक पाई शिवभक्तों के कदम
कांवड़ यात्रा शुरू होते ही बारिश ने दस्तक दे दी। लगातार बरसती बूंदों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कांवड़िये बारिश में भी महादेव का नाम जपते हुए आगे बढ़ते रहे। किसी के कंधे पर कांवड़ थी तो कोई भजनों की धुन पर कदम बढ़ा रहा था। श्रद्धालुओं का एक ही संकल्प था कि सीवन नदी का जल बाबा कुबेरेश्वर महादेव के चरणों में अर्पित किया जाए। बारिश और भक्ति के इस संगम ने यात्रा के दृश्य को और भी भावपूर्ण बना दिया।
पंडित प्रदीप मिश्रा भी कांवड़ लेकर चले

कांवड़ यात्रा में कुबेरेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित प्रदीप मिश्रा की मौजूदगी विशेष आकर्षण रही। उन्होंने सुबह सीवन नदी से जल लेकर कांवड़ उठाई और श्रद्धालुओं के साथ कुबेरेश्वरधाम की ओर रवाना हुए।
उनके यात्रा में शामिल होते ही भक्तों में उत्साह और बढ़ गया। हजारों श्रद्धालु उनके साथ चलते हुए लगातार भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे। कांवड़ उठाए भक्तों की भीड़ और चारों ओर लहराते भगवा ध्वजों ने यात्रा को भव्य स्वरूप दिया।
कई राज्यों से पहुंचे शिवभक्त
इस धार्मिक यात्रा में मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। अलग-अलग क्षेत्रों से आए भक्तों ने एक साथ भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया।
आठ झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
यात्रा में आठ भव्य धार्मिक झांकियां भी शामिल रहीं। इनके साथ चल रही भजन प्रस्तुतियों ने माहौल में भक्ति का रंग और गहरा कर दिया। रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए सेवा और सहयोग के दृश्य भी दिखाई दिए।
सीवन घाट पर भीड़, पुल पर जल की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सीवन नदी के घाट पर प्रवेश नियंत्रित किया। कांवड़ियों के लिए पुल पर नलों के माध्यम से जल भरने की व्यवस्था की गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में जुटी रहीं।
11 किलोमीटर की आस्था यात्रा
सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक की यह 11 किलोमीटर लंबी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए केवल पैदल सफर नहीं, बल्कि आस्था और समर्पण का प्रतीक बनी। कांवड़िये बाबा कुबेरेश्वर महादेव के अभिषेक के लिए जल लेकर आगे बढ़े। बारिश के बीच गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने यह संदेश दिया कि सच्ची आस्था के सामने मौसम की चुनौती भी छोटी पड़ जाती है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
