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मिडिल ईस्ट की जंग से दहला दलाल स्ट्रीट! : सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा, इन दिग्गज कंपनियों के शेयर धराशायी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 08, 2026
05:44 AM
सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा, इन दिग्गज कंपनियों के शेयर धराशायी

नई दिल्ली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक तनाव का गहरा असर देखने को मिला। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते सोमवार सुबह बाजार खुलते ही भारी बिकवाली शुरू हो गई। दलाल स्ट्रीट पर मचे इस भूचाल में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़ी गिरावट के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को तगड़ा झटका लगा।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 74,243 के मुकाबले 822 अंक टूटकर 73,421 पर खुला। कुछ ही देर में यह और नीचे फिसलकर 73,318 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 286 अंकों की गिरावट के साथ 23,080 पर खुला। बाजार के लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

दिग्गज शेयरों में बिकवाली का तूफान

बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का असर देश की प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखाई दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए तेजी से मुनाफावसूली और निकासी शुरू कर दी। मिडकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा, जहां कई कंपनियों के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक टूट गए।

क्रूड ऑयल बना बाजार का सबसे बड़ा दुश्मन

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई इस घबराहट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध संकट है। ईरान और इजरायल के बीच जारी मिसाइल हमलों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को झकझोर दिया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब चार प्रतिशत की तेज उछाल दर्ज की गई, जिसके बाद यह 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 94 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।

वैश्विक संकट से बढ़ी निवेशकों की चिंता

ईरान द्वारा महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को बंद करने की धमकियों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को लेकर नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ा सकती हैं। यही कारण है कि निवेशकों ने जोखिम भरे निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी है। यदि पश्चिम एशिया में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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