भोपाल में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन केंद्र : मुंबई में IEIA MICE इंडस्ट्री लीडर्स कनेक्ट में प्रदेश ने पेश किया रोडमैप ,सतगढ़ी में 172 एकड़ में विकसित होगा केंद्र

भोपाल। मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी तेज हो गई है। राजधानी भोपाल में प्रदेश का सबसे बड़ा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र विकसित करने की योजना है। सतगढ़ी में प्रस्तावित इस केंद्र में एक साथ 6 से 8 हजार प्रतिनिधियों के बैठने की सुविधा होगी। इससे प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, व्यापार मेलों तथा बड़े व्यावसायिक आयोजनों को बढ़ावा मिलने के साथ निवेश और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सतगढ़ी में 172 एकड़ में होगा निर्माण
मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भारतीय प्रदर्शनी उद्योग संघ के सम्मेलन में मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाओं और निवेश के अवसरों को प्रस्तुत किया गया। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला की मौजूदगी में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्रदेश की योजनाओं की जानकारी दी।
डॉ. बेडेकर ने बताया कि प्रस्तावित सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र 172 एकड़ में विकसित हो रहे सतगढ़ी स्मार्ट औद्योगिक पार्क का हिस्सा होगा। इसके नियोजन में भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।
इंदौर और खजुराहो में भी सुविधाएं
वर्तमान में भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र संचालित है। इंदौर के ब्रिलियंट सम्मेलन केंद्र में 5 हजार से अधिक प्रतिनिधियों के बैठने की क्षमता और 15 छोटे सम्मेलन कक्ष हैं। वहीं, खजुराहो के महाराजा छत्रसाल सम्मेलन केंद्र में 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। सतगढ़ी में नया केंद्र बनने से प्रदेश की बड़े आयोजनों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
पर्यटन नीति में मिलेगी आर्थिक सहायता
मध्यप्रदेश पर्यटन नीति-2025 के तहत 500 या उससे अधिक बैठक क्षमता वाली पात्र आवासीय सम्मेलन परियोजनाओं को पूंजीगत निवेश पर 15 प्रतिशत, अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जा सकती है। पात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों के लिए स्थान और स्टॉल की लागत पर 50 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है। पर्यावरण अनुकूल आयोजन प्रमाणन के लिए भी एक लाख रुपये तक की पूरी प्रतिपूर्ति दी जा सकती है।
आयोजकों को मिलेगी एक जगह से मदद
प्रदेश में बड़े आयोजनों को आकर्षित करने के लिए नगर स्तरीय सम्मेलन प्रोत्साहन ब्यूरो स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके माध्यम से आयोजकों को आयोजन स्थल, स्थानीय भागीदारों, होटल व्यवसायियों और सरकारी विभागों से समन्वय में सहायता मिलेगी। विशेष पर्यटन पैकेज और आर्थिक प्रोत्साहनों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मध्यप्रदेश यात्रा मेला-2026 में 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी पर्यटन संचालकों, 15 राज्यों के 180 घरेलू संचालकों और 600 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया था। मेले में 177 प्रदर्शनी कक्षों के माध्यम से 10,263 व्यावसायिक बैठकें हुईं। यह आयोजन प्रदेश में बड़े सम्मेलनों और व्यापार मेलों की संभावनाओं को दर्शाता है।
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