भोजताल कैचमेंट क्षेत्र के किसानों की लामबंदी : मुगलिया छाप में 20 गांवों के प्रतिनिधियों की बैठक में आंदोलन की बनी रणनीति, टीएनसीपी अधिकारियों को सौंपेंगे ज्ञापन

भोपाल। भोजताल के जलग्रहण क्षेत्र में शामिल गांवों के किसानों की निजी भूमि और कृषि गतिविधियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भारतीय किसान संघ, तहसील हुज़ूर ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को मुगलिया छाप गांव में आयोजित बैठक में प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याओं और जलग्रहण क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से 78 से अधिक प्रभावित गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाने और किसानों को एकजुट कर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखने का निर्णय लिया गया।
20 गांवों के प्रतिनिधियों ने किया मंथन
मुगलिया छाप में हुई बैठक में लगभग 20 गांवों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक में भोजताल जलग्रहण क्षेत्र के प्रावधानों, किसानों की निजी भूमि और कृषि कार्यों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों ने प्रभावित किसानों की समस्याओं को एकजुट होकर उठाने की आवश्यकता पर चर्चा की।
78 से अधिक गांवों में चलेगा जनसंपर्क अभियान
बैठक में तय किया गया कि भोजताल जलग्रहण क्षेत्र से प्रभावित 78 से अधिक गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों को संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं तथा आपत्तियों को एकत्रित किया जाएगा। इसके बाद सैकड़ों किसानों को भारतीय किसान संघ के बैनर तले एकजुट कर भोपाल के संबंधित नगर तथा ग्राम निवेश (टीएनसीपी) अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन किसानों की मांगों और आपत्तियों को शासन-प्रशासन के सामने रखेगा।
निजी भूमि और कृषि अधिकारों पर जताई चिंता
भारतीय किसान संघ का कहना है कि किसानों की निजी भूमि, कृषि कार्यों और उनके अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रावधान को लागू करने से पहले किसानों की वास्तविक स्थिति और उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। संगठन ने प्रभावित गांवों के किसानों से संपर्क कर उन्हें विषय की जानकारी देने और प्रस्तावित आंदोलन से जोड़ने का निर्णय लिया है।
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