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मप्र में पूरी ताकत से सक्रिय मानूसन, : जून की कमी जुलाई के 9 दिनों में ही हुई पूरी, 24 घंटे में तरबतर होंगे कई जिले, पन्ना-सतना के लिए अलर्ट जारी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 10, 2026
08:17 AM
जून की कमी जुलाई के 9 दिनों में ही हुई पूरी, 24 घंटे में तरबतर होंगे कई जिले, पन्ना-सतना के लिए अलर्ट जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने अब पूरी ताकत से सकिय है। इतना ही नहीं जून की कमी को जुलाई के 9 दिनों से पूरी कर दी है। लगातार सक्रिय बने मानसून के कारण प्रदेश में अब तक औसतन 234.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत 212.3 मिमी से करीब 10 प्रतिशत अधिक है। अभी कुछ दिनों तक प्रदेश में ऐसे ही झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग की मानें तो चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान पन्ना और सतना जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने पन्ना और सतना में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, खरगोन, खंडवा, विदिशा, रायसेन, सागर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।

32 जिलों में बारिश ने तोड़े सामान्य आंकड़े

इस बार मानसून का सबसे अधिक असर पश्चिमी मध्य प्रदेश में देखने को मिला है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, रतलाम, आगर-मालवा, दमोह, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, निवाड़ी, भिंड, मुरैना और श्योपुर समेत 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर पूर्वी मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, मंडला और टीकमगढ़ जैसे जिले अब भी औसत से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।

देवास बना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला

इस मानसून सीजन में देवास सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बनकर उभरा है। यहां सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है और अब तक करीब 18 इंच वर्षा हो चुकी है। हरदा में लगभग 15 इंच, इंदौर और सीहोर में 14 इंच तथा भोपाल में 13 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर पहुंच सकता है।

उफान पर नदियां, कई क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी

लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश की नदियों और जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। आगर-मालवा के नलखेड़ा में लखुंदर नदी दूसरे दिन भी उफान पर बनी रही और स्टॉप डैम से पानी ओवरफ्लो होने लगा। नर्मदापुरम सहित कई जिलों में नदी-नाले लबालब भर गए हैं, जिससे कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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