राष्ट्रीय नौकायन चैंपियनशिप : अपर लेक में दिखेगा में लहरों रोमांच, देशभर के सेलर्स की रफ्तार से गूंजेगा भोपाल, 12 राज्यों के करीब 100 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर देश के बड़े जल क्रीड़ा आयोजनों का केंद्र बनने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजा भोज बहुवर्गीय राष्ट्रीय नौकायन चैंपियनशिप 2026 का तीसरा संस्करण आज 11 अगस्त से लेकर 16 अगस्त तक अपर लेक स्थित बोट क्लब के जल क्रीड़ा केंद्र में आयोजित किया जाएगा। छह दिवसीय इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी रफ्तार, संतुलन और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
राष्ट्रीय रैंकिंग की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 12 राज्यों और विभिन्न प्रमुख खेल क्लबों के करीब 100 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरती प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। अपर लेक की अनुकूल परिस्थितियों में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में होंगे मुकाबले
प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा। भारतीय नौकायन संघ के 12 निर्णायक और पदाधिकारी भोपाल पहुंच चुके हैं। प्रतियोगिता के संचालन, तकनीकी व्यवस्थाओं और निर्णयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। भारतीय खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी आयोजन से जुड़े रहेंगे।
मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ मध्यप्रदेश नौकायन संघ आयोजन के संचालन में समन्वय करेगा। प्रतियोगिता के जरिए प्रदेश के खिलाड़ियों को देश के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ सीधे मुकाबले का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी तकनीक और क्षमता निखारने का महत्वपूर्ण अनुभव हासिल होगा।
जल क्रीड़ा के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा भोपाल
अपर लेक पर लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन ने भोपाल को देश के प्रमुख जल क्रीड़ा केंद्रों में पहचान दिलाई है। मध्यप्रदेश जल क्रीड़ा अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है।
विदेशी विशेषज्ञों से तैयार हो रहे चैंपियन
प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विदेशी विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। इनके मार्गदर्शन में खिलाड़ी तकनीक, शारीरिक क्षमता, रणनीति और प्रतियोगिता के दबाव से निपटने की क्षमता पर लगातार काम कर रहे हैं।
11 अगस्त से शुरू होने वाली यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता सिर्फ खिलाड़ियों की रफ्तार और कौशल की परीक्षा नहीं होगी, बल्कि भोपाल की जल क्रीड़ा क्षमता और मध्यप्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर चमकाने का बड़ा अवसर भी बनेगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
