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एकांत साधना पर प्रेमानंद महाराज , : भक्तों से बोले - “हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें… लेकिन गुरुदेव हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे।”

नीरज द्विवेदी

नीरज द्विवेदी

May 26, 2026
09:26 AM
भक्तों से बोले - “हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें… लेकिन गुरुदेव हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे।”

वृंदावन। भीषण गर्मी के बीच श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से आई एक खबर ने लाखों श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। संत प्रेमानंद महाराज ने अपने अनुयायियों के लिए ऐसा संदेश दिया, जिसे सुनकर कई भक्तों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने भावुक स्वर में कहा,
“हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें… लेकिन गुरुदेव हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे।” इसी संदेश के साथ उन्होंने मौन धारण कर अनिश्चितकालीन एकांत साधना में जाने का निर्णय लिया।

ज्ञात हो की पिछले करीब दस दिनों से स्वास्थ्य कारणों के चलते उनकी पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और भक्तों के साथ वार्ता पहले ही बंद थी। रविवार शाम आश्रम की ओर से जारी वीडियो ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को और गहराई से छू लिया। वीडियो में प्रेमानंद महाराज बेहद शांत और भावुक अंदाज में अपने अनुयायियों को समझाते नजर आए कि उनका मौन और एकांतवास किसी दूरी का संकेत नहीं, बल्कि भक्तों के कल्याण और आध्यात्मिक साधना का हिस्सा है।

सोशल मीडिया पर दिया संदेश

यह चिंता मत करो कि तुम्हारा उत्थान कैसे होगा। बिना बोले भी तुम्हारे मन और विचारों में तुम्हारे गुरुदेव रहेंगे। हमारी इच्छा है कि हर भक्त पर श्रीजी की कृपा बनी रहे। संत के इन शब्दों ने सोशल मीडिया पर भी हजारों श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। कई भक्तों ने इसे गुरु और शिष्य के रिश्ते की सबसे आत्मीय और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति बताया।अपने संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों से नाम जप, भजन और राधारानी के चरणों में समर्पित रहने का आग्रह किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह मौन स्थायी नहीं है और उचित समय आने पर वे स्वयं आगे की जानकारी देंगे।

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हम सामने आएं या न आएं, तुम्हारे विचारों में हमेशा रहेंगे

उधर, श्रीराधा केलिकुंज आश्रम की ओर से भी श्रद्धालुओं के लिए अपील जारी की गई है। आश्रम प्रशासन ने भीषण गर्मी और संत प्रेमानंद महाराज की अनिश्चितकालीन एकांत साधना को देखते हुए भक्तों से अगली सूचना तक आश्रम आने से परहेज करने का अनुरोध किया है।हालांकि, इसके बावजूद देशभर से श्रद्धालुओं का आश्रम पहुंचना लगातार जारी है। कई भक्त आश्रम के बाहर खड़े होकर ही संत के शीघ्र स्वस्थ होने और दोबारा दर्शन देने की प्रार्थना कर रहे हैं। उनके चेहरों पर चिंता भी है और विश्वास भी—कि गुरुदेव भले ही मौन में हों, लेकिन अपने भक्तों के हृदय में हमेशा उपस्थित रहेंगे।

नीरज द्विवेदी
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नीरज द्विवेदी

5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।

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