आंधी-बारिश ने रोकी भोपाल की रफ्तार: : 70 की रफ्तार से चली हवा, 300 बिजली फीडर ठप, प्री-मानसून ने राजधानी में मचाई अफरा-तफरी

भोपाल। मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियों ने राजधानी भोपाल में जोरदार असर दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार शाम अचानक बदले मौसम ने शहरभर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं, जबकि बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई।
ऑफिस से लौटते लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी
शाम के समय मौसम बिगड़ने से ऑफिस और बाजारों से घर लौट रहे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख मार्गों पर पेड़ और बड़ी टहनियां गिरने से यातायात बाधित हो गया। कई वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे। लिंक रोड नंबर-1, लिंक रोड नंबर-2, लिंक रोड नंबर-3, पॉलीटेक्निक चौराहा, कोलार रोड, तुलसी नगर और अवधपुरी जैसे इलाकों में हालात ज्यादा खराब रहे।

बिजली व्यवस्था पर पड़ा बड़ा असर
तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों, तारों और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक शहर के करीब 300 बिजली फीडर पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हुए। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जिससे लोगों को उमस और अंधेरे के बीच परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली कंपनी की टीमें देर रात तक आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।

200 से ज्यादा जगहों पर गिरे पेड़
नगर निगम और प्रशासन को शहरभर से पेड़ और टहनियां गिरने की 200 से अधिक शिकायतें मिलीं। कई कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर रास्ते अवरुद्ध हो गए। निगम और आपदा प्रबंधन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने और यातायात सामान्य करने का काम शुरू किया। कई इलाकों में देर रात तक राहत कार्य जारी रहा।
ओलावृष्टि और तेज बारिश से बदला मौसम
राजधानी के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। न्यू मार्केट, रानी कमलापति स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में कुछ समय के लिए दृश्यता काफी कम हो गई। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज आंधी और बारिश ने परेशानी भी बढ़ा दी।

प्रदेश के कई जिलों में असर
भोपाल के अलावा शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम और श्योपुर सहित कई जिलों में भी मौसम ने करवट ली। शाजापुर में ओलावृष्टि हुई, जबकि सीहोर और शुजालपुर में तेज बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक करीब पौने दो इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मानसून आने में अभी इंतजार
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार मध्यप्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से पहुंच सकता है। फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां ही मौसम का मिजाज तय कर रही हैं।
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