International Day of Yoga: : 'योग भारत की अमूल्य धरोहर, राष्ट्रपति ने बताया 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' थीम का महत्व, CM बोले- योग से दुनिया को मिला 'वसुधैव कुटुंबकम' का मार्ग

भोपाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित गैरीसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इसे स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का आधार बताया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोलकाता से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का प्रदेश में सजीव प्रसारण भी देखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
योग मानवता को जोड़ने वाला जीवन दर्शन : राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि 'योग' का अर्थ है जोड़ना—स्वयं से, समाज से, प्रकृति से और समूची मानवता से जुड़ना। वर्तमान समय में जब दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही है, तब योग शांति, समरसता और सामूहिक कल्याण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन का संदेश दे रही है।

'योग फॉर हेल्दी एजिंग' थीम का बताया महत्व
राष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' है, जो विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और सक्रिय जीवन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति को स्वस्थ, आत्मनिर्भर और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

योग विश्व शांति और मानव कल्याण का माध्यम : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन दुनिया भर में उत्साहपूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग भारत का ऐसा उपहार है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, अनुशासन और शांति का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दी थी और आज 200 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग कर रहे हैं। इस वर्ष भी देश और विदेश में हजारों स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किए गए।
'हर घर योग अभियान' से प्रदेश में बढ़ी जागरूकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 'हर घर योग अभियान' सफलतापूर्वक चलाया गया है। इसके माध्यम से गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को योग के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सकारात्मक जीवनशैली का भी आधार है।
मध्यप्रदेश की योग परंपरा पर जताया गर्व
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सदियों से योग और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करते हुए योग विज्ञान का भी अध्ययन किया था। उन्होंने महर्षि पतंजलि और भगवान शंकर को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा 'वसुधैव कुटुंबकम' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' का संदेश दिया है। आज योग के माध्यम से यही संदेश पूरी दुनिया तक पहुंच रहा है और भारत एक बार फिर अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा से वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।
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