ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई का कसता शिकंजा, : सास गिरिबाला से तीखे सवालों की बौछार, पुलिस को सूचना देने में देरी पर घिरी पूर्व जज

भोपाल। राजधानी भोपाल के भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामले में सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने मृतक की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को अपने राडार पर ले लिया है। जांच एजेंसी ने मंगलवार को गिरिबाला सिंह से लंबी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सीबीआई ने सबसे ज्यादा जोर उस सवाल पर दिया, जिसमें घटना के बाद पुलिस को तत्काल सूचना नहीं देने पर जवाब मांगा गया।
सीबीआई अधिकारियों ने पूछा कि वर्षों तक न्यायिक सेवा में रहने और ऐसे मामलों में फैसले सुनाने के बावजूद उन्होंने बहू त्विषा को फंदे पर लटका देखने के बाद सबसे पहले पुलिस को फोन क्यों नहीं किया। एजेंसी ने यह भी जानना चाहा कि अस्पताल पहुंचाने और मायके पक्ष को सूचना देने में देरी आखिर किन कारणों से हुई।
कॉल डिटेल ने बढ़ाई मुश्किलें
जांच के दौरान सीबीआई ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस और मायके पक्ष को सूचना देने से पहले कई लोगों से बातचीत की गई थी। एजेंसी ने सवाल उठाया कि क्या परिवार किसी तथ्य को छिपाने की कोशिश कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, इस सवाल पर गिरिबाला सिंह काफी असहज नजर आईं और करीब आधे घंटे तक पूछताछ इसी बिंदु के आसपास घूमती रही। हालांकि उन्होंने अलग-अलग तरीके से जवाब देने की कोशिश की, लेकिन सीबीआई उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं दिखी।
वैवाहिक संबंधों और दहेज आरोपों पर भी पूछताछ
सीबीआई ने त्विषा और उनके पति समर्थ सिंह के वैवाहिक संबंध, परिवार का माहौल, शादी की परिस्थितियां, पैसों के लेन-देन, दहेज मांगने के आरोप और कथित प्रताड़ना को लेकर भी कई सवाल पूछे। घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर भी विस्तृत जानकारी ली गई। सूत्रों के मुताबिक अधिकांश सवालों के जवाब गिरिबाला सिंह ने दिए हैं।
केस डायरी में खामियों पर नाराज हुई सीबीआई
दूसरी ओर, सीबीआई ने भोपाल पुलिस की जांच डायरी में कई कमियां मिलने पर नाराजगी जताई है। अधिकारियों ने पुलिस आयुक्त संजय कुमार को इस संबंध में जानकारी दी थी। इसके बाद एसआईटी चीफ एसीपी रजनीश कश्यप की निगरानी में केस डायरी को दोबारा व्यवस्थित कर मंगलवार रात सीबीआई को सौंपा गया।
समर्थ सिंह की रिमांड मांग सकती है एजेंसी
अब सीबीआई भोपाल कोर्ट में आवेदन देकर आरोपी समर्थ सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद एजेंसी समर्थ से सीधे पूछताछ शुरू कर सकती है। वहीं, सीबीआई सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त कराने के लिए जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने जा रही है।
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