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महाकालेश्वर मंदिर में आस्था-शक्ति का अद्भुत संगम : भस्मारती में बाबा महाकाल के हुए दिव्य दर्शन, जयश्री महाकाल के जयघोष से गूंजा परिसर

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Sep 12, 2026
06:21 AM
भस्मारती में बाबा महाकाल के हुए दिव्य दर्शन, जयश्री महाकाल के जयघोष से गूंजा परिसर

उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में शनिवार की सुबह आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर भस्म आरती पर बाबा महाकाल की दिव्य दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर खचाखच भरा रहा। जैसे ही भस्म आरती शुरू हुई, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठा।

ढोल-नगाड़ों के बीच खुले बाबा के कपाट

शनिवार तड़के मंदिर के कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई। भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच बाबा महाकाल के पट खोले गए। इसके बाद पुजारियों ने विधि-विधान से भगवान महाकाल का पूजन-अभिषेक किया।

सबसे पहले बाबा का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान का अभिषेक हुआ। प्रथम घंटाल बजाकर बाबा को हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को मुकुट धारण कराया गया।

भस्म आरती में दिखा भक्ति का अद्भुत नजारा

पूजन के बाद झांझ-मंजीरों, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच बाबा महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा का त्रिपुंड और त्रिनेत्र से अलौकिक शृंगार किया गया। रुद्राक्ष और फूलों की मालाओं से सजे बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

भस्म आरती के दौरान मंदिर में मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से ऐसा वातावरण बना कि श्रद्धालु पूरी तरह शिव भक्ति में डूबे नजर आए। महाआरती के दौरान भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

रात से ही दर्शन के लिए कतार में लगे श्रद्धालु

बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में कतारबद्ध नजर आए। आरती में प्रवेश के लिए पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य रहता है।

महानिर्वाणी अखाड़े की निभाई खास परंपरा

बाबा महाकाल की भस्म आरती की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। परंपरा के अनुसार महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

इसी दिव्य परंपरा के कारण महाकाल की भस्म आरती देशभर में विशेष आस्था का केंद्र है। बाबा के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन करने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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