शनिवार, 12 सितंबर 202605:43:04 PM
Download App
Home/विदेश

सात साल का फासला खत्म : ब्रिक्स सम्मेलन से इतर मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता, पहलगाम हमले और आतंकवाद पर कड़ा संदेश

admin

admin

Sep 12, 2026
02:10 PM
ब्रिक्स सम्मेलन से इतर मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता, पहलगाम हमले और आतंकवाद पर कड़ा संदेश

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स समिट से इतर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजित डोभाल भी शामिल हुए। दोनों ने पारस्परिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर जोर दिया। लगभग सात साल बाद भारत आए जिनपिंग से पीएम की मुलाकात काफी अहम है।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जिनपिंग का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है, उनका स्वागत करते हुए, और ब्रिक्स समिट में सकारात्मक वक्तव्य के लिए आभार जताया। उन्होंने आगे कहा, "हमें द्विपक्षीय सहयोग पर बात करने का एक बार फिर मौका मिल रहा है।"

ब्रिक्स का पहला दिन रहा ऐतिहासिक

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का पहला दिन ऐतिहासिक रहा। भारत के खाते में बड़ी उपलब्धि आई जब सदस्य देशों ने साझा बयान पर सहमति जताई। वहीं चीनी राष्ट्रपति ने भी पश्चिम एशिया संकट को कम करने के लिए अहम भूमिका निभाने पर जोर दिया।

मध्य पूर्व में शांति के लिए भूमिका निभाएगा चीन

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नई दिल्ली में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन मिडिल ईस्ट और गल्फ क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने में अपनी उचित भूमिका निभाना चाहता है। इसके लिए वो ब्रिक्स के दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। राष्ट्रपति ने माना कि इस युद्ध से पूरे इलाके के लोगों को भारी नुकसान हुआ है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के लिए भी सही नहीं है।

गलवान झड़प के बाद पहली बार भारत पहुंचे जिनपिंग

बता दें, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे। गलवान झड़प के बाद जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। साझा बयान की बात करें तो इसमें सदस्य देशों ने पहलगाम हमले की खुलकर निंदा की और टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने पर बल दिया। इसमें कहा गया कि समूह आतंकवाद के किसी भी कृत्य को आपराधिक और अनुचित बताते हुए इसकी कड़ी निंदा करता है भले ही उनकी प्रेरणा कुछ भी हो, जब भी, कहीं भी और किसी ने भी किया हो।

पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में निंदा

पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, "हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। हम आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, टेरर फंडिंग और सुरक्षित पनाहगाहों सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद से लड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।"

आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता पर जोर

आगे कहा गया, "हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों और उनके समर्थन में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। हम आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता सुनिश्चित करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मानकों को अस्वीकार करने का आग्रह करते हैं।"

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें