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समृद्ध मध्यप्रदेश@2047: : आज भोपाल में जुटेंगे केंद्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ, सीएम मोहन करेंगे मंथन, ‘वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस’ बनेगा विकास का संकल्प

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Aug 23, 2026
05:40 PM
आज भोपाल में जुटेंगे केंद्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ, सीएम मोहन करेंगे मंथन, ‘वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस’ बनेगा विकास का संकल्प

भोपाल। समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय संस्थानों की भूमिका और उनके योगदान पर 24 अगस्त को भोपाल में बड़ा मंथन होगा। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए) द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के विकास को गति देने के लिए केंद्रीय संस्थानों और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय तथा ठोस कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

कॉन्क्लेव की थीम ‘वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस’ रखी गई है। इसके माध्यम से प्रदेश में कार्यरत केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों को समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के विजन से जोड़ते हुए विकास के लिए संस्थागत योगदान और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर जोर दिया जाएगा। विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि अपने अनुभव, विशेषज्ञता और संभावित योगदान को साझा करेंगे।

मुख्य सचिव देंगे समृद्ध मध्यप्रदेश का विजन

कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 विषय पर मुख्य वक्तव्य देंगे। सुशासन संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित विशेष संबोधन करेंगे। वहीं मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. संतोष कुमार विश्वकर्मा कॉन्क्लेव की पृष्ठभूमि और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालेंगे। उनके संबोधन में प्रदेश के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों के संदर्भ में केंद्रीय संस्थानों की उपयोगिता और संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा।

समावेशी विकास और सामाजिक सशक्तिकरण पर मंथन

कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लिए समावेशी आर्थिक विकास एवं सामाजिक सशक्तिकरण’ विषय पर व्यापक चर्चा होगी। इसमें केंद्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि और शासन के अधिकारी शामिल होकर विकास की प्राथमिकताओं, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करेंगे। आयोजन का उद्देश्य विशेषज्ञ संस्थानों की क्षमता और संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास में प्रभावी ढंग से करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में होने वाला यह कॉन्क्लेव प्रदेश के दीर्घकालीन विकास लक्ष्य को संस्थागत सहयोग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर मध्यप्रदेश को 2047 तक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए ठोस संकल्प और कार्ययोजना तैयार करने पर जोर रहेगा।

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