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नरोत्तम का टिकट कटने से फूटा सियासी बम : कांग्रेस के निशाने पर आई भाजपा, दिग्गी-जीतू समेत पार्टी के दिग्गजों ने छोड़ा व्यंग्यबाण

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 11, 2026
07:35 AM
कांग्रेस के निशाने पर आई भाजपा, दिग्गी-जीतू समेत पार्टी के दिग्गजों ने छोड़ा व्यंग्यबाण

दतिया-भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर राजनीतिक पंडितों को चैंका दिया है। भाजपा संगठन के इस कदम से सूबे का सियासी पारा भी हाई हो गया है। एक ओर जहां नरोत्तम के समर्थकों ने रातभर दतिया में जमकर बवाल काटा। तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को भाजपा पर हमला करने का मौका मिल गया है। पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह समेत कांगेस के नेताओं ने भाजपा पर जुबानी हमला बोल दिया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर व्यंग्यात्मक पोस्ट करते हुए लिखा कि, वाह पंडित नरोत्तम मिश्रा जी, आपने तो गजब ही कर दिया। आपने अपने आंदोलनात्मक विरोध में कांग्रेस और भाजपा दोनों को मात दे दी। बधाई... लगे रहो... जय सिया राम।

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टैग करते हुए लिखा कि, गृह मंत्री मोहन यादव जी, हाजिर हो! ये उपद्रवी और हुड़दंगी आपकी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। भाजपा के भीतर लगी आग से मध्य प्रदेश नहीं जलना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई।

कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना

भाजपा में मचे घमासान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता उदित राज ने कहा कि भाजपा में जो भी नेता बड़ा होता है, उसे किनारे लगाने की परंपरा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को भी प्रदेश की राजनीति से हटाकर केंद्र भेज दिया गया और अब डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ भी कुछ ऐसा ही किया गया है।

उदित राज ने आरोप लगाया कि भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है और वहां किसी भी प्रभावशाली नेता को ज्यादा आगे बढ़ने नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा का मामला भाजपा की कार्यशैली को उजागर करता है।

टिकट कटते ही सड़क पर उतरे समर्थक

डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज समर्थकों ने शुक्रवार को दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के फैसले का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की और टिकट बदलने की मांग उठाई।

भाजपा के भीतर नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने तक की चेतावनी दे डाली, जिससे चुनाव से पहले भाजपा के सामने संगठनात्मक चुनौती खड़ी होती दिखाई दे रही है।

चुनाव से पहले भाजपा के लिए चुनौती

दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने उम्मीदवार तो घोषित कर दिया है, लेकिन टिकट वितरण के बाद सामने आई नाराजगी ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने की होगी, ताकि चुनावी अभियान पर इसका नकारात्मक असर न पड़े। दूसरी ओर कांग्रेस भाजपा के भीतर की इस कलह को चुनावी मुद्दा बनाने में जुट गई है। ऐसे में दतिया उपचुनाव अब केवल दो दलों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि भाजपा के अंदरूनी असंतोष की भी बड़ी परीक्षा बनता नजर आ रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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