मप्र के गेहूं पर पड़ोसी की नजर : अवैध आवक रोकने को सरहद पर पहरा, कलेक्टर ने दिए पांच विभागों की संयुक्त टीम तैनात करने के निर्देश

सागर। मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीदी जोर-शोर से चल रही है, लेकिन प्रदेश में मिल रहे ऊंचे समर्थन मूल्य ( एमएसपी) और बोनस के कारण पड़ोसी राज्यों के व्यापारियों की नजरें एमपी की मंडियों पर टिक गई हैं। सागर जिले की सीमा उत्तरप्रदेश से लगी हुई है। ऐसे में उप्र से अवैध तरीके से गेहूं लाकर यहां खपाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सीमाओं पर श्किलाबंदी्य शुरू कर दी है।
चेकपोस्ट पर 24 घंटे निगरानी
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाते हुए सीमावर्ती इलाकों में तत्काल चेकपोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन चेकपोस्टों पर राजस्व, पुलिस, मंडी, कृषि, सहकारिता और खाद्य विभाग का संयुक्त दल 24 घंटे तैनात रहेगा। विशेषकर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे मालथौन जैसे क्षेत्रों में सघन तलाशी ली जा रही है, ताकि जिले के वास्तविक किसानों का हक बिचैलिए न मार सकें।
क्यों हो रही है घुसपैठ
जानकारों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में गेहूं की एमएसपी करीब 2100 प्रति क्विंटल है, जबकि मध्य प्रदेश में सरकार इसे 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है। इस 500 रुपये प्रति क्विंटल के भारी अंतर का फायदा उठाने के लिए व्यापारी उप्र से सस्ता गेहूं खरीदकर एमपी के किसानों के नाम पर फर्जी पंजीयन और स्लॉट बुकिंग के जरिए मंडियों में ला रहे हैं।
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