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मप्र के अन्नदाता होंगे मालामाल : सीएम ने किसानों से संवाद कर खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने का रखा रोडमैप, 6 संकल्पों से बदलेगी तस्वीर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 20, 2026
06:15 AM
सीएम ने किसानों से संवाद कर खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने का रखा रोडमैप, 6 संकल्पों से बदलेगी तस्वीर

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के तहत झाबुआ से प्रदेशभर के किसानों से ऑनलाइन संवाद करते हुए खेती को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना है। इसके लिए प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक, जल संरक्षण, पशुपालन और कृषि प्रसंस्करण को एक साथ बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए प्रशासन को किसानों की हर संभव मदद के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

शून्य ब्याज पर तीन लाख तक का ऋण, पांच रुपये में बिजली कनेक्शन

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही मात्र पांच रुपये में कृषि बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए 40 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 33 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक सलाह, आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती अपनाकर खेती की लागत घटाने तथा उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।

प्राकृतिक खेती और कड़कनाथ को मिलेगा नया विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक खेती अभियान को प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत झाबुआ जिले में 50 कृषि सखियों का चयन किया गया है। जिले में 3,125 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है और किसानों की फसलों का प्रमाणीकरण भी कराया गया है।

उन्होंने बताया कि ष्एक जिला-एक उत्पादष् योजना के तहत झाबुआ के कड़कनाथ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाई जा रही है। वर्ष 2025 में कड़कनाथ पालन से एक हजार से अधिक नए हितग्राही जुड़े हैं।

कपास से उद्योग और टमाटर से बढ़ेगी किसानों की कमाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ-2026 में झाबुआ जिले में 23,230 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि धार के बदनावर स्थित पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को ष्खेत से कारखानेष् तक की सुविधा मिलेगी, जिससे आय और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।

उन्होंने पेटलावद की टमाटर प्रसंस्करण इकाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में 2,812 हेक्टेयर में टमाटर की खेती हो रही है और लगभग 1.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। यहां टमाटर सॉस, केचअप और डिहाइड्रेटेड टमाटर का उत्पादन किया जा रहा है। झाबुआ का टमाटर अब राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों तक पहुंच रहा है।

सिंचाई, पशुपालन और मत्स्य पालन पर भी सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पूरी होने पर 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और करीब 50 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में 760 से अधिक तालाब विकसित किए गए हैं, जहां लगभग तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य पालन हो रहा है। उन्होंने किसानों से पशुपालन, डेयरी, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसे सहायक व्यवसाय अपनाने का भी आग्रह किया ताकि खेती के साथ नियमित आय का स्रोत विकसित हो सके।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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