मप्र सरकार का फोकस मातृशक्ति के सशक्तिकरण पर : सीएम मोहन ने बहनों के खातों में ट्रांसफर किए १८३५ करोड़, केसली को दी 190करोड़ की सौगात

भोपाल/सागर। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के शनिवार का दिन खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज लाड़ली बहना योजना के तहत १.२५ करोड़ बहनों के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये ट्रांसफर किए। उन्होंने कुल1835 करोड़ की अंतरिक की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 190.85 करोड़ रुपये की लागत से 53 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 68.83 करोड़ रुपये के 25 कार्यों का लोकार्पण तथा 122.02 करोड़ रुपये की लागत से 28 नए कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
महिलाओं के मजबूत आधार बनी योजना
लाड़ली बहना सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार मातृशक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है और लाड़ली बहना योजना इसके लिए एक मजबूत आधार बन चुकी है। उन्होंने बताया कि यह योजना तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और हर महीने बहनों के खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार के संचालन में सहयोग कर रही हैं।
महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार हुआ है और उनके जीवन में शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सहयोग से राज्य सरकार निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में इस वर्ष "कृषक कल्याण वर्ष" मनाया जा रहा है। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे सिंचाई क्षेत्र 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है और इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। साथ ही दुग्ध उत्पादन और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
केंद्र और राज्य योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में जरूरतमंदों को लगातार लाभ मिल रहा है। उन्होंने धरती आबा योजना का भी उल्लेख किया, जिससे जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं।
क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केसली और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने केसली में सांदीपनि विद्यालय का द्वितीय चरण शुरू करने, कई हाई स्कूलों को हायर सेकंडरी में उन्नत करने, देवरी में 100 बिस्तरों का अस्पताल शुरू करने और कृषि उपज मंडी का नाम रानी अवंतीबाई के नाम पर रखने की घोषणा की।
इसके अलावा 550 करोड़ रुपये की लागत वाली थावरी जलाशय परियोजना को स्वीकृति दी गई, जिससे क्षेत्र में सिंचाई और कृषि को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने देवरी में प्याज-लहसुन खरीदी केंद्र, कॉलेजों में नए संकायों की शुरुआत, केसली और गौरझामर को नगर पंचायत बनाने तथा देवखंडेराव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की।
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