हल से खेत जोता, लाठी भी घुमाई... : बैतूल के कुकरू में CM मोहन का सहज अंदाज़ बना आकर्षण का केंद्र, किसानों और ग्रामीणों से जोड़ा आत्मीय रिश्ता

बैतूल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बैतूल जिले के रमणीय पर्यटन स्थल कुकरू का दो दिवसीय प्रवास प्रशासनिक बैठकों से आगे बढ़कर ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का प्रतीक बन गया। रविवार सुबह मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसान मारोती बाबसकर के खेत पहुंचकर पारंपरिक तरीके से स्वयं हल चलाया। मिट्टी से जुड़कर उन्होंने खेती को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए किसानों के श्रम का सम्मान किया। खेत में किसानों से बातचीत के दौरान उन्होंने फसल उत्पादन, मौसम की चुनौतियों और आधुनिक कृषि तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की तथा किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
लाठी घुमाकर जीता ग्रामीणों का दिल,
खेत में मौजूद एक युवक के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने पारंपरिक लाठी भी घुमाई। उनका यह सहज और आत्मीय अंदाज़ देखते ही ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। लोगों ने तालियों की गूंज के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह देसी रूप पूरे कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल बन गया। ग्रामीणों ने भी उनसे खुलकर संवाद किया और स्थानीय समस्याओं के साथ विकास से जुड़े सुझाव साझा किए।
महिलाओं, किसानों और युवाओं से संवाद
प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, किसानों और स्थानीय युवाओं से मुलाकात कर उनके अनुभव और सुझाव सुने। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कुकरू को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पलायन पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, किसान सम्मान, स्वास्थ्य जागरूकता और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत संदेश बनकर सामने आया।
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