मप्र में अवैध बांग्लादेशियों की धर-पकड़ तेज : ग्वालियर के बाद डबरा में 40 संदिग्ध पासपोर्ट, नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की धर-पकड़ तेज हो गई है। ग्वालियर के डबरा से शुरु हुआ एक्शन भोपाल, बैतूल और छिंदवाड़ा तक पहुंच गई है। भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के अन्ना नगर में करीब 40 संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट पुलिस की नजर में आए हैं। वहीं बैतूल और छिंदवाड़ा से जारी कुछ पासपोर्ट भी जांच के दायरे में लिए गए हैं।
बता दें कि बीते दिनों ग्वालियर के डबरा में जांच के दौरान एक ही पते से करीब 20-20 पासपोर्ट के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 17 पासपोर्ट जारी भी कर दिए गए। इतनी बड़ी संख्या में एक ही पते से आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहन पड़ताल शुरू की।
दो आरोपी गिरफ्तार, असम से जुड़ा कनेक्शन
मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रियाल चैधरी भी शामिल है, जो मूल रूप से असम का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच के मुताबिक उसने डबरा से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। दूसरे आरोपी की पहचान विप्लव अधिकारी के रूप में हुई है।
असम से कोलकाता और फिर मध्य प्रदेश तक नेटवर्क
पुलिस की शुरुआती जांच में विप्लव अधिकारी के नेटवर्क की कड़ियां असम से कोलकाता होते हुए मध्य प्रदेश तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में किस-किस की भूमिका रही।
बौद्ध अनुयायी बनकर मांगते थे भिक्षा
जांच में यह बात भी सामने आई है कि कुछ लोग बौद्ध अनुयायी बनकर भिक्षा मांगते और खाना खाते थे। इसके अलावा निमंत्रण के आधार पर मलेशिया और कंबोडिया जैसे देशों की यात्रा किए जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
असम समेत कई राज्यों में भेजी गई टीमें
पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए असम और अन्य राज्यों में अपनी टीमें भेजी हैं। वर्ष 2021-22 के आसपास बनाए गए पासपोर्ट और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की पड़ताल और जांच पूरी होने के बाद ही इस नेटवर्क से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
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