रविवार, 20 सितंबर 202612:27:08 PM
Download App
Home/विदेश

रूस में चुनाव के आखिरी दिन ड्रोन अटैक! : मॉस्को में आसमान से बरसी आफत, यूक्रेन हमले में तेल ठिकानों को नुकसान

admin

admin

Sep 20, 2026
09:55 AM
मॉस्को में आसमान से बरसी आफत,  यूक्रेन हमले में तेल ठिकानों को नुकसान

मॉस्को। रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन राजधानी मॉस्को में ड्रोन हमले से हड़कंप मच गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने रविवार को बताया कि ड्रोन ने शहर की एक ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे वहां नुकसान हुआ और आग लग गई। घटनास्थल से उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया। धमाकों की आवाजें सुनाई देने की भी खबर है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने मेयर के हवाले से रिफाइनरी को नुकसान की जानकारी दी। शुरुआती रिपोर्टों में दो लोगों की मौत का दावा किया गया, हालांकि उपलब्ध जानकारी में हताहतों को लेकर विरोधाभास है।

जेलेंस्की ने रूसी तेल उद्योग पर कार्रवाई का दावा किया

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई का रूस पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि रूस के एक महत्वपूर्ण तेल उद्योग ठिकाने और लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया गया। जेलेंस्की के अनुसार, इन ठिकानों से रूस की युद्ध गतिविधियों को आर्थिक मदद मिलती है।

उन्होंने कार्रवाई में कई मानवरहित प्रणालियों के इस्तेमाल का उल्लेख किया और यूक्रेन की सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों के जवानों को धन्यवाद दिया। जेलेंस्की ने रूस से युद्ध समाप्त कर शांति का रास्ता चुनने की अपील भी की।

चुनाव के बीच हमले से सुरक्षा पर सवाल

मॉस्को में ड्रोन हमला ऐसे समय हुआ है, जब रूस में स्टेट ड्यूमा के चुनाव के लिए मतदान का रविवार को आखिरी दिन था। तीन दिवसीय मतदान प्रक्रिया के दौरान सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के दबदबे में बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन के खिलाफ रूस के पूर्ण सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद पहला संसदीय चुनाव है।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन युद्ध के लिए जनता के समर्थन की परीक्षा के रूप में पेश किया है। वहीं, रूस के चुनाव अधिकारियों ने मॉस्को की ऑनलाइन मतदान व्यवस्था पर साइबर हमले की कोशिश की जानकारी भी दी।

युद्ध और आर्थिक दबाव के बीच चुनाव

रूस ने हमले का आरोप यूक्रेन पर लगाया है। जेलेंस्की के बयानों में यूक्रेन की कार्रवाई का उल्लेख किया गया, जबकि हमले के नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। रूस में युद्ध और आर्थिक दबाव के बीच चुनाव परिणामों पर भी चर्चा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध से जुड़ी थकान और आर्थिक चुनौतियां कुछ विपक्षी दलों को समर्थन दिला सकती हैं। हालांकि, युद्ध विरोधी उम्मीदवारों पर प्रतिबंधों और कड़े कानूनों के कारण राजनीतिक प्रतिस्पर्धा सीमित होने की बात कही जाती है।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें