गीजर इस्तेमाल सावधानी से करें : सर्दियों में गीजर चलाते समय न करें ये गलतियां, छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़े हादसे की वजह

हेल्थ मंत्रा। शरद ऋतु की ठंड की दस्तक के साथ ही घरों में महीनों से बंद पड़े गीजर दोबारा चालू होने लगे हैं। सुबह ठंडे पानी से बचने के लिए लोग नहाने से पहले गीजर ऑन कर देते हैं। लेकिन जल्दबाजी में की गई छोटी-सी गलती भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। हर साल सर्दियों में गीजर से जुड़े हादसों, शॉर्ट सर्किट और गैस गीजर से दम घुटने की घटनाएं सामने आती हैं।
दरअसल, लंबे समय तक बंद रहने के बाद गीजर की वायरिंग, हीटिंग एलिमेंट और अन्य पुर्जों की जांच करना जरूरी है। वहीं, रोजाना इस्तेमाल के दौरान भी कुछ सावधानियां बरतना बेहद अहम है। ऐसे में सर्दियों में गीजर चलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं।

1. नहाते समय गीजर का स्विच बंद रखें
कई लोग पानी गर्म होने के बाद भी नहाते समय गीजर चालू रखते हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। गीजर में बिजली से जुड़ी खराबी या वायरिंग में गड़बड़ी होने पर करंट लगने का खतरा हो सकता है। इसलिए पानी गर्म होने के बाद नहाने से पहले गीजर का स्विच बंद कर दें।
इसके अलावा, गीजर को जरूरत से ज्यादा देर तक लगातार चालू रखना भी ठीक नहीं है। इसे निर्माता के निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करें और काम पूरा होने पर बंद कर दें। यदि गीजर से असामान्य आवाज आए, पानी का रिसाव हो या जलने की गंध महसूस हो, तो उसे बंद करके टेक्नीशियन से जांच कराएं।

2. गैस गीजर के साथ वेंटिलेशन का रखें ध्यान
LPG से चलने वाले गैस गीजर इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। गैस के अधूरे दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस बन सकती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए इसका पता लगाना मुश्किल हो सकता है।
बंद और कम हवादार बाथरूम में गैस गीजर चलाना खतरनाक हो सकता है। संभव हो तो गैस गीजर की यूनिट बाथरूम के बाहर, उचित वेंटिलेशन वाली जगह पर लगवाएं। इसकी स्थापना अधिकृत तकनीशियन से कराएं और निर्माता के निर्देशों का पालन करें। केवल एग्जॉस्ट फैन पर निर्भर न रहें, क्योंकि वह कार्बन मोनोऑक्साइड से सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।
यदि गैस गीजर चलाते समय सिरदर्द, चक्कर, मतली या असामान्य कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत खुली हवा में जाएं और आपातकालीन मदद लें।

3. सर्दियों की शुरुआत में कराएं सर्विसिंग
कई महीनों तक गीजर बंद रहने के बाद उसे दोबारा चालू करने से पहले उसकी जांच कराना बेहतर है। पानी में मौजूद खनिजों के कारण टैंक और हीटिंग एलिमेंट पर परत जम सकती है। इससे गीजर की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
सर्विसिंग के दौरान टेक्नीशियन से थर्मोस्टेट, ऑटो-कट फीचर, प्रेशर रिलीज वाल्व, वायरिंग और पानी के कनेक्शन की जांच जरूर कराएं। प्रेशर रिलीज वाल्व से छेड़छाड़ न करें और उसे कभी बंद या ब्लॉक न होने दें।
4. बिजली के कनेक्शन में न करें लापरवाही
गीजर अधिक बिजली खपत करने वाला उपकरण है, इसलिए उसके लिए उचित क्षमता की वायरिंग, सही रेटिंग वाला स्विच और सुरक्षा उपकरण लगवाना जरूरी है। अर्थिंग और उपयुक्त सर्किट ब्रेकर की जांच किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से कराएं।
गीजर को सामान्य या ढीले प्लग में लगाने से बचें। बिजली के तारों में कटाव, प्लग में जलने के निशान या स्विच में गर्माहट दिखाई दे तो इस्तेमाल रोक दें और मरम्मत कराएं। गीजर खरीदते समय मानक प्रमाणन और उत्पाद की सुरक्षा संबंधी जानकारी भी जांचें।
5. गीजर में खराबी के संकेतों को न करें नजरअंदाज
अगर गीजर से पानी टपक रहा है, टैंक से असामान्य आवाज आ रही है, पानी जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है या बार-बार बिजली ट्रिप हो रही है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर टालें नहीं। गीजर बंद करें और विशेषज्ञ से जांच कराएं। खुद से गीजर खोलने या उसके सुरक्षा उपकरणों की मरम्मत करने की कोशिश न करें।
गीजर इस्तेमाल करते समय याद रखें ये जरूरी बातें
पानी गर्म होने के बाद नहाने से पहले इलेक्ट्रिक गीजर बंद कर दें।
गीजर को जरूरत के अनुसार चलाएं और इस्तेमाल के बाद बंद कर दें।
गैस गीजर को बंद, कम हवादार बाथरूम में न चलाएं।
सर्दियों की शुरुआत में गीजर की सर्विसिंग कराएं।
उचित अर्थिंग, सही वायरिंग और सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित करें।
किसी भी तरह की खराबी, रिसाव या जलने की गंध को नजरअंदाज न करें।
निष्कर्ष: सर्दियों में गीजर का इस्तेमाल आराम के लिए किया जाता है, लेकिन सुरक्षा से समझौता करना भारी पड़ सकता है। सही इंस्टॉलेशन, नियमित रखरखाव और छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर गीजर से जुड़े जोखिम कम किए जा सकते हैं।
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
