रूस में भीषण औद्योगिक हादसाः : गैस रसायन संयंत्र में विस्फोट के बाद भड़क आग, 7 मौत और 9 अब भी लापता, 100 से अधिक घायल

नई दिल्ली। रूस से भयानक औद्योगिक हादसा हो गया है। यहां के सुदूर पूर्वी अमूर क्षेत्र में एक गैस रयासन संयंत्र में हुए भीषण धमाके में जहां 7 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 6 चीनी नागरिक शामिल हैं। वहीं 9 चीनी कर्मचारी अब भी लापता है। जबकि 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। हादसा स्वोबोदनी इलाके के पास चीन की सीमा से सटे क्षेत्र में स्थित अमूर गैस रसायन संयंत्र में हुआ है।
परीक्षण के दौरान हुआ जोरदार विस्फोट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिसर की मुख्य पाइरोलिसिस इकाई के एक सहायक तकनीकी हिस्से में अंतिम परीक्षण और संचालन शुरू करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान अचानक विस्फोट हुआ और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्लांट की प्रेस सेवा के मुताबिक, दमकल और आपातकालीन दलों की कार्रवाई के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, बचाव और तलाशी अभियान अभी जारी है। लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए राहत दलों को लगाया गया है।
100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना
हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की भी खबर है। शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन बाद में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, मृतकों और घायलों के अंतिम आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कंपनी ने बताया कि मृतकों में छह चीनी नागरिक शामिल हैं। हादसे के बाद नौ चीनी कर्मचारियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। राहतकर्मी लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं।
मुख्य संयंत्र को बड़े नुकसान से बचाने का दावा
कंपनी के अनुसार, आग के बावजूद परिसर के मुख्य उपकरणों को नुकसान नहीं पहुंचा है। कुछ तकनीकी गैसों का नियंत्रित तरीके से जलना जारी रहा, जबकि आपातकालीन दल मौके पर निगरानी करते रहे। आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि हादसे के बाद किसी तरह का अतिरिक्त खतरा पैदा न हो।
रूस-चीन की बड़ी साझेदारी वाला संयंत्र
अमूर गैस रसायन परिसर रूस की पेट्रोकेमिकल कंपनी सिबुर और चीन की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी सिनोपेक की संयुक्त परियोजना है। इसमें सिबुर की 60 प्रतिशत और सिनोपेक की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह दुनिया की बड़ी प्रस्तावित बहुलक उत्पादन परियोजनाओं में शामिल है।
अधिकारियों ने फिलहाल किसी बाहरी ड्रोन हमले या जानबूझकर किए गए हमले की आशंका से इनकार किया है। हादसे की जांच के लिए विशेष आयोग गठित किया गया है। शुरुआती जांच में औद्योगिक सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
