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धर्म जी कहते थे, कभी मत रुकना… : 60 साल के सफर पर छलका हेमा मालिनी का दिल, बोलीं— उनका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत था

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 10, 2026
06:36 AM
60 साल के सफर पर छलका हेमा मालिनी का दिल, बोलीं— उनका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत था

मुंबई। हिंदी सिनेमा की सदाबहार अभिनेत्री और 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी ने अपने छह दशक लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए जीवन के कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की। अपने करियर के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम 'हेमा मालिनी: लाइव इन कॉन्सर्ट' से पहले दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने अभिनय, नृत्य, राजनीति और निजी जीवन से जुड़ी कई यादें साझा कीं। इस दौरान उन्होंने अपने दिवंगत पति और अभिनेता धर्मेंद्र के अटूट सहयोग को भी भावुक होकर याद किया।

'हर दौर में आगे बढ़ने का हौसला दिया'

हेमा मालिनी ने बताया कि उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन धर्मेंद्र ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब फिल्मों में काम कम होने लगा था, तब भी धर्मेंद्र ने कभी उन्हें निराश नहीं होने दिया। वह हमेशा कहते थे कि जीवन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है और उन्हें अपने डांस शो, मंचीय प्रस्तुतियों और अन्य रचनात्मक कार्यों को जारी रखना चाहिए।

अभिनेत्री के मुताबिक, धर्मेंद्र को यह देखकर खुशी होती थी कि वह हमेशा किसी न किसी रचनात्मक गतिविधि में व्यस्त रहती हैं। उनका विश्वास और प्रोत्साहन ही वह ताकत था, जिसने उन्हें हर दौर में सक्रिय बनाए रखा।

फिल्मों से संसद तक का सफर

हेमा मालिनी ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि 70 और 80 का दशक उनके लिए बेहद व्यस्त रहा। उस दौरान उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों में काम किया। बाद में उन्होंने कुछ समय का विराम लिया, लेकिन 'बागबान' जैसी फिल्मों के जरिए फिर पर्दे पर वापसी की। उन्होंने कहा कि अभिनय के साथ-साथ नृत्य हमेशा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा और उन्होंने देश-विदेश में अनेक डांस प्रस्तुतियां दीं।

उन्होंने यह भी बताया कि सांसद बनने के बाद उनके जीवन ने नई दिशा ली। अब वह मथुरा की जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करती हैं और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण दायित्व मानती हैं।

आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है 'बसंती'

हेमा मालिनी ने कहा कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन उनके लोकप्रिय किरदार 'बसंती' का जादू आज भी लोगों के दिलों में कायम है। उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि मथुरा में लोग आज भी उनसे 'शोले' का मशहूर संवाद सुनाने की फरमाइश करते हैं। उनके लिए यह सबसे बड़ा सम्मान है कि दशकों बाद भी दर्शक उन्हें उसी प्यार और अपनत्व से याद करते हैं। उन्होंने कहा कि दर्शकों का यह स्नेह और धर्मेंद्र का विश्वास ही उनके लंबे और सफल सफर की सबसे बड़ी पूंजी रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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